फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Bathinda News ›   punjab, bathinda, agriculture, kinnu, white fly

कपास के बाद किन्नूओं को चाटनी लगी सफेद मक्खी, किसान निराश

Sat, 05 Dec 2015 03:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा Updated Sat, 05 Dec 2015 03:53 PM IST
विज्ञापन
punjab, bathinda, agriculture, kinnu, white fly
पहले सफेद मक्खी ने किसानों की हजारों एकड़ कपास की फसल को बर्बाद कर दिया
विज्ञापन
और अब बठिंडा के बागों में घुसपैठ कर चुकी सफेद मक्खी किन्नूओं को चाट रही है।

इससे किसान चिंतित हैं। जिले के जिन किसानों ने बागबानी विभाग से प्रेरित होकर फसली चक्कर से निकलकर अपने बागों में किन्नू लगाए थे उनके रस को अब सफेद मक्खी ने चाटना शुरू कर दिया है। जिस के प्रभाव से किन्नूओं का आकार तो छोटा हो ही रहा है साथ में किन्नूओं के पौधों पर आधे से ज्यादा फल ही नहीं लग रहा।

रामां मंडी के किसान गुरतेज सिंह ने बताया कि उन्होंने बागबानी विभाग के पीछे लगकर फसली चक्कर निकलने के लिए किन्नूओं की काश्त शुरू कर बाग लगाए थे। इस बार सफेद मक्खी ने पहले उनकी कपास की फसल को बरबाद कर दिया और अब किन्नूओं के रस को चाट कर उन्हें खत्म कर रही है। किसानों का कहना था कि सफेद मक्खी ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है ।

किसान नेता शिंगारा सिंह मान का कहना था कि कपास की तरह किन्नूओं के भी प्रदेश में नकली बीज और कीटनाशक दवाएं डीलरों की ओर से किसानों को बेची गई हैं। जिस के चलते अब किन्नू काश्तकार किसान काफी परेशान हैं।

उधर बागबानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर गुरदेव सिंह ढिल्लों का कहना था कि सफेद मक्खी तो ठंड होने के चलते वैसे ही मर जाती है तो किन्नूओं की फसल पर कैसे हमला करेगी। उन्होंने कहा कि किन्नूओं की फसल के खराब होने का सबसे बड़ा कारण समय पर फसल को स्प्रे न करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed