फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Bathinda News ›   Peasant organizations demonstrated against the government

किसान संगठनों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

Tue, 22 Dec 2015 04:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा Updated Tue, 22 Dec 2015 04:45 PM IST
विज्ञापन
Peasant organizations demonstrated against the government
प्रदेश में सफेद मक्खी प्रभावित कपास की मुआवजा राशि का चेक देने का तरीका पहले दिन से ही विवादों में रहा।
विज्ञापन


इसके चलते हर दिन किसानों की ओर से धान के कास्तकारों को चेक देने व कपास की कास्त करने वालों के बजाय किसी अन्य के नाम या जमीन के मालिक के नाम पर चेक देने की शिकायतें आ रही हैं।

इसे लेकर मंगलवार को किसान संगठनों की ओर से डीसी को एक मांग पत्र सौंपा जाना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहर पर ही रोक दिया।

इसके चलते किसानों ने रोजगार्डन चौक पर धरना देकर प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के अमरीक सिंह सीविया, मंजीत भुच्चो, गुरपाल दियोन, हरवंश बुर्ज, हरजीवन मेहमा भगवाना की अगुवाई में पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि सही ढंग से न मिलने से व अन्य मांगो को लेकर डिप्टी कमिश्नर बठिंडा को एक मांग पत्र सौंपना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने नहीं दिया।
विज्ञापन


रोजगार्डन चौक के नजदीक धरना दे रहे किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा असली कास्तकारों की जगह अपने चहेतों को चेक दिए जा रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मेहमा भगवाना के पटवारी के पास जब किसान चेक मांगने गए तो उसने खुद ही अपनी पगड़ी उतार कर किसानों को पर्चा दर्ज करवाने की धमकी दी।

किसान नेताओं ने कहा कि अगर प्रशासन ने 6 जनवरी तक चेक असली कास्तकारों को न दिए तो वे अपना संघर्ष तेज करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed