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मरा बच्चा पैदा हुआ, परिजनों का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Sat, 13 Feb 2016 10:07 PM IST
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सरदूलगढ़ के गांव आहलुपुर में मां के पेट में बच्चे की मौत से गुस्साए
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परिजनों ने बच्चे के शव को सड़क पर रखकर सरदूलगढ़-रतिया मार्ग जाम कर दिया।
परिजनों की मांग थी कि गिल नर्सिंग होम के खिलाफ बच्चे की मौत का मामला दर्ज किया जाए। परिजनों ने बताया कि गांव आहलुपुर की गुरप्रीत कौर पत्नी भूपिंदर सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर 12 फरवरी की सुबह साढ़े पांच बचे गिल नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया था। डा. नसीब कौर ने गुरप्रीत कौर की हालत को बिगड़ती देख किसी अन्य अस्पताल में भी नहीं जाने दिया।
घरवालों का आरोप है कि जब डा. जच्चा-बच्चा की जान बचाने के लिए किसी अन्य अस्पताल जाने के लिए कहा तो उन्होंने अस्पताल का दरवाजा ही बंद कर दिया। ग्रामीणों की मदद से नाजुक हालत में गुरप्रीत को सरदूलगढ़ के दिल्ली नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर डिलीवरी करवाई लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।
दिल्ली अस्पताल के डॉक्टर ने कहा कि उनके पास पहुंचने से पहले बच्चे की मां के पेट में ही मौत हो चुकी थी। गांव वासी जोगिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि भूपिंदर सिंह के बच्चे की मौत डॉक्टर की गलती के कारण ही हुई है। डॉक्टर नसीब कौर का कहना है कि जब परिवार वाले बच्चे को छुट्टी दिलाकर ले गए थे तब बच्चा व मां दोनों ठीक थे। बच्चे की मौत रास्ते में हुई है। थाना सरदूलगढ़ के मुखी कृष्ण कुमार ने बच्चे का पोस्टमार्टम करवाने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना उठा दिया गया।
परिजनों की मांग थी कि गिल नर्सिंग होम के खिलाफ बच्चे की मौत का मामला दर्ज किया जाए। परिजनों ने बताया कि गांव आहलुपुर की गुरप्रीत कौर पत्नी भूपिंदर सिंह को प्रसव पीड़ा होने पर 12 फरवरी की सुबह साढ़े पांच बचे गिल नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया था। डा. नसीब कौर ने गुरप्रीत कौर की हालत को बिगड़ती देख किसी अन्य अस्पताल में भी नहीं जाने दिया।
घरवालों का आरोप है कि जब डा. जच्चा-बच्चा की जान बचाने के लिए किसी अन्य अस्पताल जाने के लिए कहा तो उन्होंने अस्पताल का दरवाजा ही बंद कर दिया। ग्रामीणों की मदद से नाजुक हालत में गुरप्रीत को सरदूलगढ़ के दिल्ली नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर डिलीवरी करवाई लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।
दिल्ली अस्पताल के डॉक्टर ने कहा कि उनके पास पहुंचने से पहले बच्चे की मां के पेट में ही मौत हो चुकी थी। गांव वासी जोगिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि भूपिंदर सिंह के बच्चे की मौत डॉक्टर की गलती के कारण ही हुई है। डॉक्टर नसीब कौर का कहना है कि जब परिवार वाले बच्चे को छुट्टी दिलाकर ले गए थे तब बच्चा व मां दोनों ठीक थे। बच्चे की मौत रास्ते में हुई है। थाना सरदूलगढ़ के मुखी कृष्ण कुमार ने बच्चे का पोस्टमार्टम करवाने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना उठा दिया गया।