उत्तर पूर्वी अफ्रीका में स्थित सूडान में गृह युद्ध ने तबाही मचा रखी है। अब तक 427 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में खार्तूम में मौजूद मिस्त्र के दूतावास के एक अधिकारी भी शामिल हैं, जो अपने कार्यालय से घर लौटते समय हिंसा की चपेट में आ गए।
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अभी तक सूडान से विभिन्न देशों के चार हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। बड़ी संख्या में भारतीय लोग भी फंसे हैं, जिन्हें बाहर निकालने के लिए भारत सरकार ने 'ऑपरेशन कावेरी' शुरू किया है।
आज हम आपको तस्वीरों के जरिए सूडान की हालत बताएंगे। कैसे सेना और पैरामिलिट्री फोर्स की लड़ाई में यहां आम लोग मारे जा रहे हैं। ये भी बताएंगे कि इस लड़ाई में अब तक क्या-क्या हुआ और इसके पीछे कारण क्या है?
क्यों हो रही लड़ाई?
हालिया हिंसक घटनाओं की जड़ें तीन साल पहले हुआ तख्तापलट से जुड़ी हैं। दरअसल, अक्तूबर 2021 में नागरिकों और सेना की संयुक्त सरकार के तख्तापलट के बाद से ही सेना (SAF) और अर्धसैनिक बल (RSF) के बीच तनाव बना हुआ था।
सेना की कमान जनरल अब्देल फतेह अल बुरहान के हाथों में है और RSF की कमान हमदान दगालो यानी हेमेदती के पास है। एक सॉवरेन काउंसिल के जरिए सेना और RSF मिलकर देश चला रहे थे। हाल ही में RSF के जवानों को अपने लिए खतरा मानते हुए सेना ने बड़ा बदलाव कर दिया।
सेना ने बीते दिनों RSF के जवानों की तैनाती की व्यवस्था बदलते हुए नई व्यवस्था शुरू की, जिसे लेकर RSF के जवानों ने नाराजगी जाहिर की। धीरे-धीरे ये नाराजगी हिंसा में बदल गई और दोनों के बीच लड़ाई शुरू हो गई।
अभी कैसे हालत हैं?
सूडान में अब तक 450 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 3700 से ज्यादा लोग घायल हैं। वैश्विक स्तर पर दबाव के चलते RSF और सेना के प्रमुखों ने फिलहाल 72 घंटे के लिए सीजफायर की मंजूरी दे दी है। मतलब इस बीच, न तो गोलियां चलेंगी और न ही बमबारी होगी। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने यह जानकारी दी। यह सीजफायर 24 अप्रैल की आधी रात से शुरू होकर अगले 72 घंटे तक चलेगा।
कितने भारतीय फंसे हुए हैं?
सूडान में दुनिया के अलग-अलग देशों के नागरिक फंसे हुए हैं। इसमें करीब 3,700 भारतीय भी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के 48 वर्षीय अल्बर्ट ऑगस्टाइन की गोली लगने से मौत हो चुकी है। वहीं, भारत सरकार ने सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए 'ऑपरेशन कावेरी' शुरू किया है। इसके जरिए सभी भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू हो गई है।
आसमान से बम के गोले, सड़कों पर गोलियों की बौछार
सूडान की आर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स RSF आपस में ही जंग कर रहीं हैं। दोनों के पास पर्याप्त हथियार हैं। ऐसे में दोनों एक-दूसरे पर हमला करने से चूक नहीं रहीं हैं। आलम ये है कि इन दिनों सूडान की आसमानों से बम के गोले बरस रहे तो सड़कों पर गोलियों की बौछार हो रही। इसमें आम लोग भी मारे जा रहे हैं। आलम ये है कि सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों तक को निशाना बना दिया गया। इसके चलते चारो तरफ अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। इसके कई वीडियो भी सामने आ चुके हैं।