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Bangladesh Vandalism: बांग्लादेश में उपद्रव के दौरान शेख मुजीब के आवास में आगजनी, आवामी लीग पर बैन की मांग
Thu, 06 Feb 2025 06:29 AM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 06 Feb 2025 06:29 AM IST
सार
बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा और चिंगारी भड़क उठी है। राजधानी ढाका में सड़कों पर उतरे आक्रोशित लोग आवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। बड़ी संख्या में उपद्रवियों ने ढाका में शेख मुजीबुर्रहमान के आवास पर तोड़-फोड़ भी की। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व पीएम शेख हसीना को फांसी की सजा देने की मांग भी की।
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ढाका में उपद्रव के दौरान शेख मुजीब के घर में घुसे आक्रोशित लोग
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
बांग्लादेश में एक बार फिर अशांति फैलने की आशंका है। खबर है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के एक ऑनलाइन भाषण के बाद ढाका में उपद्रवियों ने शेख मुजीबुर्रहमान के आवास पर जमकर तोड़-फोड़ की। हालांकि, प्रशासन की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उपद्रव कर रहे लोगों ने शेख मुजीबुर्रहमान के आवास पर तोड़-फोड़ के अलावा आगजनी भी की।
ढाका में उपद्रव के दौरान शेख मुजीब के घर में घुसे आक्रोशित लोग
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
जमकर हुआ उत्पात; शेख हसीना ने वर्तमान सरकार को लिया आड़े हाथ
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के लाइव ऑनलाइन संबोधन के दौरान प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने ढाका में उनके पिता व बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के आवास पर जमकर उत्पात किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हसीना ने अवामी लीग की अब भंग हो चुकी छात्र शाखा छात्र लीग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अपना संबोधन दिया और देशवासियों से मौजूदा शासन के खिलाफ प्रतिरोध करने का आह्वान किया। भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन द्वारा गठित मुहम्मद यूनुस के मौजूदा शासन के बारे में हसीना ने कहा, उनके पास अब भी राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और लाखों शहीदों के जीवन की कीमत पर अर्जित की गई स्वतंत्रता को बुलडोजर से नष्ट करने की ताकत नहीं है। उन्होंने आगे कहा, वे एक इमारत को ध्वस्त कर सकते हैं, लेकिन इतिहास को नहीं... उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है।
हसीना बोलीं-यह घर बांग्लादेशी इतिहास में एक प्रतिष्ठित प्रतीक
हसीना ने कहा, छात्र आंदोलन ने पहले बांग्लादेश के 1972 के संविधान को खत्म करने का वादा किया था क्योंकि उन्होंने मुजीबिस्ट संविधान को दफनाने का वादा किया था। यह घर बांग्लादेश के इतिहास में एक प्रतिष्ठित प्रतीक है क्योंकि शेख मुजीब ने बड़े पैमाने पर इस घर से दशकों तक स्वतंत्रता-पूर्व आंदोलन का नेतृत्व किया था, जबकि क्रमिक अवामी लीग शासन के दौरान जब इसे एक संग्रहालय में बदल दिया गया था, तो विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या गणमान्य व्यक्ति राज्य प्रोटोकॉल के अनुरूप दौरा करते थे।
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के लाइव ऑनलाइन संबोधन के दौरान प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने ढाका में उनके पिता व बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के आवास पर जमकर उत्पात किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हसीना ने अवामी लीग की अब भंग हो चुकी छात्र शाखा छात्र लीग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अपना संबोधन दिया और देशवासियों से मौजूदा शासन के खिलाफ प्रतिरोध करने का आह्वान किया। भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन द्वारा गठित मुहम्मद यूनुस के मौजूदा शासन के बारे में हसीना ने कहा, उनके पास अब भी राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और लाखों शहीदों के जीवन की कीमत पर अर्जित की गई स्वतंत्रता को बुलडोजर से नष्ट करने की ताकत नहीं है। उन्होंने आगे कहा, वे एक इमारत को ध्वस्त कर सकते हैं, लेकिन इतिहास को नहीं... उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि इतिहास अपना बदला लेता है।
हसीना बोलीं-यह घर बांग्लादेशी इतिहास में एक प्रतिष्ठित प्रतीक
हसीना ने कहा, छात्र आंदोलन ने पहले बांग्लादेश के 1972 के संविधान को खत्म करने का वादा किया था क्योंकि उन्होंने मुजीबिस्ट संविधान को दफनाने का वादा किया था। यह घर बांग्लादेश के इतिहास में एक प्रतिष्ठित प्रतीक है क्योंकि शेख मुजीब ने बड़े पैमाने पर इस घर से दशकों तक स्वतंत्रता-पूर्व आंदोलन का नेतृत्व किया था, जबकि क्रमिक अवामी लीग शासन के दौरान जब इसे एक संग्रहालय में बदल दिया गया था, तो विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या गणमान्य व्यक्ति राज्य प्रोटोकॉल के अनुरूप दौरा करते थे।
ढाका में उपद्रव के दौरान शेख मुजीब के घर में घुसे आक्रोशित लोग
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
शेख मुजीबुर्रहमान के आवास पर उपद्रव
ढाका की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी आवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। घटना की वीडियो में देखा जा सकता है कि शेख मुजीबुर्रहमान के आवास पर उपद्रव के दौरान जमकर नारेबाजी भी हो रही है। कई लोगों को मोबाइल कैमरे की मदद से वीडियो रिकॉर्ड करते भी देखा गया।
ढाका की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी आवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। घटना की वीडियो में देखा जा सकता है कि शेख मुजीबुर्रहमान के आवास पर उपद्रव के दौरान जमकर नारेबाजी भी हो रही है। कई लोगों को मोबाइल कैमरे की मदद से वीडियो रिकॉर्ड करते भी देखा गया।
#WATCH | Bangladesh | A mob vandalised Sheikh Mujibur Rahman’s memorial and residence at Dhanmondi 32 in Dhaka, demanding a ban on the Awami League. Reports link the protest to an online speech by former PM Sheikh Hasina. pic.twitter.com/HSoAc8gr8z
— ANI (@ANI) February 5, 2025
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ढाका में उपद्रव के दौरान शेख मुजीब के घर में घुसे आक्रोशित लोग
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
क्या शेख हसीना के खिलाफ एकजुट हो रही जनता?
बता दें कि शेख हसीना के नेतृत्व वाली पार्टी- आवामी लीग कुछ महीने पहले ही सत्ता से बेदखल हुई है। हालात इतने बिगड़े की हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा। राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहे भारत के इस पड़ोसी मुल्क की कमान फिलहाल मोहम्मद युनूस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के पास है। इस सरकार का कहना है कि वे शेख हसीना को बांग्लादेश लाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में भारत से प्रत्यर्पण की अपील भी की गई है।
बता दें कि शेख हसीना के नेतृत्व वाली पार्टी- आवामी लीग कुछ महीने पहले ही सत्ता से बेदखल हुई है। हालात इतने बिगड़े की हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भागना पड़ा। राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहे भारत के इस पड़ोसी मुल्क की कमान फिलहाल मोहम्मद युनूस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के पास है। इस सरकार का कहना है कि वे शेख हसीना को बांग्लादेश लाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में भारत से प्रत्यर्पण की अपील भी की गई है।
#WATCH | Bangladesh | A mob vandalised and set on fire Sheikh Mujibur Rahman’s memorial and residence at Dhanmondi 32 in Dhaka, demanding a ban on the Awami League. pic.twitter.com/azMcQCqngM
— ANI (@ANI) February 5, 2025
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ढाका में उपद्रव के दौरान शेख मुजीब के घर में घुसे आक्रोशित लोग
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
शेख हसीना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, भारत से प्रत्यर्पण की मांग
गौरतलब है कि बांग्लादेश में बीते साल बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की थी। आलम ये हुआ कि शेख हसीना को जान बचाकर भागना पड़ा। अंतरिम सरकार के सलाहकार के रूप में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के पदभार संभालने के बाद मुकदमेबाजी का दौर भी शुरू हुआ। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार के आरोप में अपदस्थ पीएम हसीना और उनके कार्यकाल में सहयोगी रहे पूर्व कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों, सैन्य और असैन्य अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया। इसी सिलसिले में बांग्लादेश दिसंबर, 2024 और जनवरी के अंतिम हफ्ते में शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को लेकर भारत के पास राजनयिक नोट भी भेज चुका है। अंतरिम सरकार ने कहा कि सफलता मिलने तक हसीना को बांग्लादेश लाने के प्रयास जारी रहेंगे। जरूरत हुई तो अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील भी की जाएगी।
गौरतलब है कि बांग्लादेश में बीते साल बड़े पैमाने पर हिंसा भड़की थी। आलम ये हुआ कि शेख हसीना को जान बचाकर भागना पड़ा। अंतरिम सरकार के सलाहकार के रूप में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के पदभार संभालने के बाद मुकदमेबाजी का दौर भी शुरू हुआ। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार के आरोप में अपदस्थ पीएम हसीना और उनके कार्यकाल में सहयोगी रहे पूर्व कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों, सैन्य और असैन्य अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया। इसी सिलसिले में बांग्लादेश दिसंबर, 2024 और जनवरी के अंतिम हफ्ते में शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को लेकर भारत के पास राजनयिक नोट भी भेज चुका है। अंतरिम सरकार ने कहा कि सफलता मिलने तक हसीना को बांग्लादेश लाने के प्रयास जारी रहेंगे। जरूरत हुई तो अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील भी की जाएगी।