फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

देवभूमि में मौजूद ऐसा शिव मंदिर जहां पूजा करने से मिलता है 'श्राप'

Tue, 08 Mar 2016 08:51 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 08 Mar 2016 08:51 AM IST
विज्ञापन
ek hathiya dewal temple in uttarakhand.
एक हथिया देवाल - फोटो : ‌file photos
शिवरात्रि पर अमर उजाला आपको उत्तराखंड स्थित ऐसे मंदिर के बारे में बता रहा है जहां कोई भक्त नहीं जाता। तस्वीरें देखने के लिए क्लिक करें...

देवभूमि के मौजूद है ऐसा शिव मंदिर जहां नहीं जाता कोई भक्त

ek hathiya dewal temple in uttarakhand.
एक हथिया देवाल - फोटो : file photo

देवभूमि उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के थल में छह किमी दूर स्थित है बल्तिर गांव में एक हथिया देवाल नाम का भगवान शिव का मंदिर स्थित है। यहां दूर-दूर से लोग आते हैं, लेकिन यहां पूजन नहीं किया जाता। यहां लोग मंदिर की अनूठी स्थापत्य कला को निहारते हैं। इस मंदिर की खास बात यह है कि लोग यहां भगवान शिव के दर्शन करने तो आते हैं, लेकिन यहां भगवान पूजा नहीं की जाती।

देवभूमि के मौजूद है ऐसा शिव मंदिर जहां नहीं जाता कोई भक्त

ek hathiya dewal temple in uttarakhand.
एक हथिया देवाल - फोटो : file photos

इस मंदिर का नाम एक हथिया देवाल इसलिए पड़ा है क्योंकि यह एक हाथ से बना हुआ है। यह मंदिर बेहद पुराना है और ग्रंथों, अभिलेखों में भी इस मंदिर का वर्णन मिलता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

देवभूमि के मौजूद है ऐसा शिव मंदिर जहां नहीं जाता कोई भक्त

ek hathiya dewal temple in uttarakhand.
एक हथिया देवाल

पुराने समय में यहां राजा कत्यूरी का शासन था। उस दौर के शासकों को स्थापत्य कला से बहुत लगाव था। लोगों का मानना है कि कुशल कारीगर ने मंदिर का निर्माण किया। खास बात यह थी कि कारीगर ने एक हाथ से मंदिर बनाना शुरू किया और पूरी रात में मंदिर तैयार कर दिया।

विज्ञापन

देवभूमि के मौजूद है ऐसा शिव मंदिर जहां नहीं जाता कोई भक्त

ek hathiya dewal temple in uttarakhand.
एक हथिया देवाल

जब स्थानीय पंडितों ने उस देवालय के अंदर उकेरी गए भगवान शंकर के लिंग और मूर्ति को देखा तो यह पता चला कि रात्रि में शीघ्रता से बनाए जाने के कारण शिवलिंग का अरघा उल्टी दिशा में बनाया दिया गया है जिसकी पूजा अनिष्टकारक हो सकती है। बस इसी के चलते मंदिर में विराजमान शिवलिंग की पूजा नहीं की जाती।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed