New AC Tips: गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है, चिलचिलाती धूप और बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए बहुत से लोग अपने घर में एयर कंडीशनर (एसी) लगाने की योजना बना रहे हैं। बाजार में कई तरह के एसी उपलब्ध हैं, जिनमें इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर एसी सबसे लोकप्रिय हैं। एक नया एसी खरीदते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप सही एसी खरीदें ताकि आपकी जेब पर अनावश्यक बोझ न पड़े।
New AC Tips: गर्मी के मौसम में खरीदने जा रहे हैं नया एसी? तो जरूर जान लें ये चार बातें
बहुत से लोग इस गर्मी में एसी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो ये लेख आपके लिए ही है। इस लेख में बताई गई बातों को जानकर आप अपने लिए एक अच्छी एसी चुन सकते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1. इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर एसी में अंतर
इन्वर्टर एसी में एक ऐसी तकनीक होती है, जो कंप्रेसर की गति को कमरे के तापमान के अनुसार अपने आप ऑटोमेटिक एडजस्ट करती है। जब कमरा ठंडा हो जाता है, तो कंप्रेसर धीमा हो जाता है, जिससे बिजली की खपत कम होती है। दूसरी ओर, नॉन-इन्वर्टर एसी का कंप्रेसर या तो पूरी गति से चलता है या पूरी तरह बंद हो जाता है, जिसके कारण बिजली की खपत अधिक होती है। इन्वर्टर एसी लंबे समय तक चलाने पर बिजली की बचत करता है।
एसी खरीदते समय उसकी स्टार रेटिंग पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। 5-स्टार रेटिंग वाले एसी बिजली की कम खपत करते हैं, जिससे आपका बिजली बिल कम रहता है। साथ ही ये भी बता दें कि इन्वर्टर एसी आमतौर पर नॉन-इन्वर्टर एसी की तुलना में बिजली की खपत को कम करते हैं, क्योंकि वे तापमान को स्थिर रखने के लिए कंप्रेसर को बार-बार बंद नहीं करते। इसलिए, अगर आप रोजाना कई घंटे एसी चलाते हैं, तो इन्वर्टर एसी चुनना बेहतर होगा।
ये भी पढ़ें- Pension for Farmers: किसानों को हर साल मिलेंगे 42000 रुपये, जानिए क्या है योजना और कैसे ले सकते हैं लाभ
इन्वर्टर एसी नॉन-इन्वर्टर एसी की तुलना में तेजी से कमरे को ठंडा करते हैं और तापमान को एक समान रखते हैं। इनका कंप्रेसर जरूरत के हिसाब से गति बदलता है, जिससे ये एसी कम शोर करता है। नॉन-इन्वर्टर एसी में कंप्रेसर के बार-बार चालू-बंद होने से शोर अधिक हो सकता है, जो रात में परेशान कर सकता है। अगर आप शांत और आरामदायक वातावरण चाहते हैं, तो इन्वर्टर एसी बेहतर विकल्प है। कई इन्वर्टर एसी में स्लीप मोड जैसे फीचर भी होते हैं, जो रात में और भी सुकून देते हैं।
ये भी पढ़ें- ध्यान दें: दिल्ली मेट्रो में करते हैं यात्रा तो इन बातों का रखें ध्यान, वरना लग सकता है बड़ा जुर्माना
इन्वर्टर एसी की शुरुआती कीमत नॉन-इन्वर्टर एसी से अधिक होती है, लेकिन उनकी लंबी उम्र और कम बिजली खपत इसे एक अच्छा निवेश बनाती है। हालांकि, इन्वर्टर एसी का रखरखाव और मरम्मत लागत नॉन-इन्वर्टर की तुलना में अधिक हो सकती है, खासकर छोटे शहरों में जहां तकनीकी सहायता सीमित हो। नॉन-इन्वर्टर एसी सस्ते होते हैं और इनकी मरम्मत भी आसान और कम खर्चीली होती है। इसलिए, अगर आपका बजट सीमित है और आप कम समय के लिए एसी चलाते हैं, तो नॉन-इन्वर्टर एसी आपके लिए उपयुक्त हो सकता है।