फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नीम-पीपल-बरगद के पेड़ काटने को लेकर क्यों हैं अलग नियम? जानें पकड़े जाने पर क्या होती है कार्रवाई

Mon, 31 Aug 2026 02:44 PM IST
Shikhar Baranawal यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Mon, 31 Aug 2026 02:44 PM IST
सार

UP Forest Department Tree Laws: कई बार ऐसा होता है कि लोग अपने कंपाउंड में लगे पेड़ को बिना अनुमती के काटने लगते हैं। ज्यादातर लोग जानकारी के आभाव में ऐसा करते हैं। कई लोगों को ये भी नहीं मालूम होता है कि कुछ पेड़ जैसे सिसम, पिपल या बरगद के पेड़ काटने के नियम थोड़े अलग होते हैं। इसलिए आइए इस लेख में इसी से जुड़े नियमों के बारे में विस्तार से समझते हैं।

विज्ञापन
Why Are There Strict Rules for Cutting Neem, Peepal, and Banyan Trees? Know the Penalties and Legal Action
नीम पीपल बरगद काटने के नियम - फोटो : AI

Cutting Neem Peepal Banyan Trees: हमारे समाज और पर्यावरण में नीम, पीपल और बरगद के पेड़ों को सिर्फ साधारण पौधे नहीं बल्कि जीवनदायिनी और पूजनीय माना जाता है। ये पेड़ हमारे पर्यावरण को शुद्ध रखने और हवा में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान देते हैं। यही वजह है कि सरकार और कानून इन पेड़ों की सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त हैं। 



अगर कोई बिना सोचे-समझे या बिना किसी सरकारी अनुमति के इन खास पेड़ों को काटने की कोशिश करता है, तो उसे भारी कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आइए इस लेख में जानते हैं कि इन पेड़ों को लेकर क्या नियम हैं और पकड़े जाने पर क्या सजा मिल सकती है।

Why Are There Strict Rules for Cutting Neem, Peepal, and Banyan Trees? Know the Penalties and Legal Action
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सख्त प्रतिबंध - फोटो : Adobe stock

उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में सख्त प्रतिबंध

  • उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में वृक्ष संरक्षण कानूनों और वन विभाग के नियमों के तहत नीम, पीपल और बरगद समेत कुल 29 प्रमुख प्रजातियों के पेड़ों को काटने पर पूरी तरह से रोक है।
  • बता दें कि उत्तर प्रदेश में सरकार ने इन 29 प्रमुख पेड़ों को विशेष संरक्षित श्रेणी में रखा है।
  • इन पेड़ों की पर्यावरणीय और औषधीय महत्वता को देखते हुए सरकार इनकी अवैध कटाई पर कड़ी नजर रखती है ताकि प्राकृतिक संतुलन बना रहे।
Why Are There Strict Rules for Cutting Neem, Peepal, and Banyan Trees? Know the Penalties and Legal Action
बिना अनुमति कटाई है सीधा कानूनी अपराध - फोटो : अमर उजाला

बिना अनुमति कटाई है सीधा कानूनी अपराध

  • वन विभाग की पूर्व आधिकारिक अनुमति के बिना इनमें से किसी भी संरक्षित पेड़ को काटना कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
  • अगर कोई व्यक्ति अपनी निजी जमीन पर भी खड़ा पेड़ बिना इजाजत काटता है, तो उसे गैरकानूनी माना जाता है और वन विभाग तुरंत इसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार रखता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Why Are There Strict Rules for Cutting Neem, Peepal, and Banyan Trees? Know the Penalties and Legal Action
सजा, एफआईआर और भारी आर्थिक जुर्माना - फोटो : Adobe stock

सजा, एफआईआर और भारी आर्थिक जुर्माना

  • अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति के नीम, पीपल या बरगद का पेड़ काटते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत पुलिस में एफआईआर दर्ज की जाती है। 
  • इस जुर्म में दोषी पाए जाने पर कोर्ट द्वारा 6 महीने तक की जेल की सजा और आपकी जेब पर भारी पड़ने वाला तगड़ा आर्थिक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
Why Are There Strict Rules for Cutting Neem, Peepal, and Banyan Trees? Know the Penalties and Legal Action
पेड़ काटने की अनुमति मिलने पर कड़े नियम - फोटो : Adobe Stock

पेड़ काटने की अनुमति मिलने पर कड़े नियम

  • अगर किसी जरूरी काम या वैध वजह से प्रशासन द्वारा पेड़ काटने की अनुमति मिल भी जाती है, तो भी कड़े प्रावधानों का पालन करना होता है।
  • इसके तहत एक पेड़ काटने के एवज में आपको कम से कम 10 नए पौधे लगाने होते हैं और उनके बड़े होने तक उनकी पूरी देखभाल करने का एक कानूनी शपथपत्र भी देना अनिवार्य होता है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed