अपने-अपने हिसाब से लोग अलग-अलग वाहन से सफर करते हैं। जैसे- कोई फ्लाइट से तो कोई बस से, लेकिन देखा जाए तो ट्रेनों से एक बड़ा तबका सफर करता है। इसके लिए भारतीय रेलवे हर रोज एक बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन भी करता है।
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यात्रीगण ध्यान दें: ट्रेन में जनरल डिब्बे आगे पीछे ही क्यों लगाए जाते हैं बीच में क्यों नहीं? यहां जानें
Sat, 26 Sep 2026 04:12 PM IST
प्रकाश चंद जोशी
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Sat, 26 Sep 2026 04:12 PM IST
सार
ट्रेन में कोचों की जगह मनमाने तरीके से तय नहीं होती, बल्कि सुरक्षा, संचालन और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तय की जाती है। जनरल कोचों की स्थिति भी ट्रेन की निर्धारित कोच संरचना और संचालन व्यवस्था पर निर्भर करती है।
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जनरल कोच ट्रेन की शुरुआत और पीछे ही क्यों लगाए जाते हैं?
- फोटो : Amar Ujala AI
जनरल कोच ट्रेन की शुरुआत और पीछे ही क्यों लगाए जाते हैं?
- फोटो : AdobeStock
क्यों ट्रेन के आगे-पीछे ही लगाए जाते हैं जनरल कोच?
पहला कारण
- दरअसल, इसका जवाब केवल यात्रियों की भीड़ से जुड़ा नहीं है
- ट्रेन में कोचों की पूरी व्यवस्था को रेलवे की भाषा में Marshalling of Coaches कहा जाता है
- रेलवे के ऑपरेटिंग मैनुअल के मुताबिक, कोचों की marshalling करते समय मुख्य रूप से तीन बातों का ध्यान रखा जाता है जिसमें सुरक्षा, परिचालन संबंधी जरूरत और यात्रियों की सुविधा शामिल हैं
- यानी किसी ट्रेन में कौन सा कोच कहां लगेगा, यह पहले से तय व्यवस्था के तहत होता है
- हर ट्रेन में एक जैसी कोच संरचना होना भी जरूरी नहीं है
जनरल कोच ट्रेन की शुरुआत और पीछे ही क्यों लगाए जाते हैं?
- फोटो : AdobeStock
दूसरा कारण
- जनरल डिब्बों को आगे-पीछे लगाने से ट्रेन का बैलेंस भी बना रहता है
- ये सभी जानते हैं कि किसी भी ट्रेन के जनरल डिब्बों में सबसे ज्यादा भीड़ होती है
- ऐसे में अगर जनरल डिब्बे बीच में लगे होंगे तो इससे बीच में भार ज्यादा होने से पूरी ट्रेन का संतुलन गड़बड़ा जाएगा
- इसलिए जनरल कोचों को ट्रेन के शुरूआत और आखिर में लगाया जाता है
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जनरल कोच ट्रेन की शुरुआत और पीछे ही क्यों लगाए जाते हैं?
- फोटो : AdobeStock
तीसरा कारण
- जनरल कोचों में आमतौर पर बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं
- ऐसे यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म से कोच तक पहुंचना और ट्रेन से उतरना भी महत्वपूर्ण होता है
- ऐसे में अगर जनरल कोचों को आगे और पीछे लगा दिया जाए
- तो इससे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ दोनों सिरों पर बंट जाती है जिससे एक जगह पर भीड़ इकट्ठी नहीं होती
- इससे व्यवस्था सही बने रहने में भी मदद मिलती है
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जनरल कोच ट्रेन की शुरुआत और पीछे ही क्यों लगाए जाते हैं?
- फोटो : AdobeStock
हर ट्रेन में व्यवस्था एक जैसी नहीं
- यह बात भी ध्यान रखना जरूरी है कि सभी ट्रेनों में जनरल कोचों की स्थिति बिल्कुल समान नहीं होती
- ट्रेन की निर्धारित rake composition और marshalling order के अनुसार व्यवस्था बदल सकती है
- रेलवे के दस्तावेजों के अनुसार यात्री ट्रेनों की निर्धारित composition का पालन किया जाता है
- इसलिए अगली बार जब आप ट्रेन में जनरल डिब्बा आगे या पीछे देखें, तो इसे सिर्फ परंपरा न समझें
- इसके पीछे ट्रेन की सुरक्षा, संचालन और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी पूरी व्यवस्था काम करती है