What Is Ethanol Blending: बढ़ती हुई पेट्रोल की कीमतें आसमान छूने लग जाएं लेकिन पेट्रोल और डीजल की आज के समय में जरूरत क्या है यह आम आदमी से ज्यादा कौन बता सकता है। जाहिर है रोजाना आना-जाना और दैनिक जीवन का सारा कार्य-व्यापार पेट्रोल से ऐसा जुड़ा है कि यह अब जीवन का अनिवार्य अंग बन गया है। लेकिन पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतें हर व्यक्ति को उसकी जेब देखने के लिए भी मजबूर कर देती है। एक जमाना था जब 22 रुपये लीटर भी पेट्रोल हुआ करता था और आज आलम 115 रुपये के आसपास पहुंच रहा है।
सवाल यह है कि आखिर पेट्रोल जैसी कीमती चीज की कीमतों में यह उछाल आखिर कहीं तो जाकर रुकेंगी? हाल ही में एक सभा को संबोधित करते हुए भारत के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पेट्रोल की ऐसी ही बढ़ती हुई कीमतों को लेकर एक ऐसा बयान दिया जिसे सुनकर ना केवल मीडिया बल्कि पूरा देश औचक हो गया।
बात दरअसल थी ही ऐसी। अपने काम करने के अंदाज और पेशेवर सलीके के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक में लोकप्रिय नितिन गडकरी ने कहा था- बहुत जल्द ही पेट्रोल का भाव 15 रुपये लीटर आ जाएगा। उनका इतना कहना था कि पूरे देश का फोकस गडकरी के इस बयान पर गया।
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- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने कहा कि अगर निकट भविष्य में 60 प्रतिशत एथेनॉल और 40 प्रतिशत तक बिजली का उपयोग किया जाए, तो पेट्रोल का भाव 15 रुपये लीटर आ जाएगा। गौरतलब बात है कि यह कोई मजाक नहीं था। सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग पर बीते लंबे समय से काम कर रही है। अगर आपको एथेनॉल ब्लेंडिंग क्या है? इस बारे में नहीं पता, तो बता दें कि पेट्रोल में जब एथेनॉल मिला दिया जाता है तो उसे एथेनॉल ब्लेंडिंग कहा जाता है। इसे किण्वन विधि की मदद से तैयार किया जाता है।
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एथेनॉल को चीनी मिलों से निकलने वाली गाद या शीरा की मदद से बनाया जाता है। एथेनॉल को इथाइल अल्कोहल के नाम से भी जाना जाता है। पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग करने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। भारत सरकार ने पिछले साल जून महीने में पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को पूरा कर लिया था। वहीं सरकार 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को पूरा करना चाहती है।
हालांकि, 20 प्रतिशत के लक्ष्य पूरा करने के बाद भी भारत सराकर निकट भविष्य में पेट्रोल में 20 से 30, 30 से 40 प्रतिशत और आगे भी एथेनॉल ब्लेडिंग करेगी। इससे हर साल गल्फ देशों से आयात करने वाले क्रूड ऑयल की मात्रा में गिरावट देखने को मिलेगी जिससे हमारी विदेशी मुद्रा में बचत होगी। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि दुनियाभर की सरकारें ईंधन के इस नए विकल्प को अपना रही हैं।
गौरतलब बात है कि एथेनॉल ब्लेंडिंग फ्यूल का इस्तेमाल करने के लिए बाइकों और कार के इंजन की डिजाइनिंग में बदलाव किए जा रहे हैं। अब सड़कों पर ये गाड़ियां दिखने भी लगी हैं।
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