ये दौर बाजारवाद का है। कई कंपनियां रचनात्मक विज्ञापन और अपनी अनोखी मार्केटिंग स्ट्रेटजी की मदद से ग्राहकों को लुभाने का काम करती हैं। बीते कुछ सालों में विज्ञापनों के क्षेत्र में कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं। आज के विज्ञापन आपको केवल प्रोडक्ट के बारे में ही नहीं बताते बल्कि वो उस प्रोडक्ट की एक खास जगह आपकी मनोस्थिति में भी बनाने का काम करते हैं। आज कई बड़ी कंपनियां कंज्यूमर बिहेवियर का अध्ययन करने के लिए बड़ी मात्रा में पैसों का निवेश कर रही हैं। ऐसे में प्रोडक्ट को बेचने के लिए समय समय पर नए विज्ञापन और तरीके सामने निकलकर आते रहते हैं। ऐसे में क्या कभी आपने इस बारे में सोचा है कि आखिर प्रोडक्ट की कीमतों के पीछे ज्यादातर 99 या 999 ही क्यों लिखा होता है? और इसका कंज्यूमर बिहेवियर पर क्या असर पड़ता है? अगर नहीं, तो आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं।
Trivia: आखिर प्रोडक्ट्स की कीमतों के पीछे 99 या 999 क्यों लिखा जाता है? पीछे छुपी है ये वजह
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प सिंह
Updated Mon, 07 Mar 2022 08:56 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन