Ayushman Bharat Yojana: केंद्र और राज्य द्वारा चलाई जाने वाली किसी न किसी लाभकारी और कल्याणकारी योजना से शायद आप जुड़े हों? दरअसल, सरकार उन वर्गों की मदद के लिए कई तरह की योजाएं चलाती है, जो असल में जरूरतमंद हैं और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे लोगों की संख्या आज भी देश में काफी नजर आती है। इसलिए केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा, रोजागर, बीमा, पेंशन के अलावा एक ऐसी योजना भी चलाई जा रही है, जो स्वास्थ्य योजना है। दरअसल, इस योजना का नाम भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-मुख्यमंत्री योजना है। ये एक स्वास्थ्य योजना है और इसमें आयुष्मान कार्ड बनते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि इस योजना के तहत मुफ्त इलाज होता है या मरीज को पैसे देने होते हैं? अगर नहीं, तो चलिए जानते हैं इस बारे में...
ABY: क्या आयुष्मान कार्ड बनवाने के बाद भी इलाज के लिए मरीज को देने होते हैं पैसे? यहां जानें पूरी जानकारी
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पहले पात्रता के बारे में जान लें:-
बात अगर पात्रता की करें, तो पात्रता सूची के मुताबिक उन लोगों का आयुष्मान कार्ड बन सकता है, जो...
- असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं
- अगर आपके परिवार में कोई दिव्यांग है
- अगर आप दिहाड़ी मजदूरी करते हैं
- अगर आप निराश्रित या फिर आदिवासी हैं
- जो ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं
- अगर आप अनुसूचित जाति या जनजाति से आते हैं आदि।
कौन देता है इलाज के पैसे?
- दरअसल, इस आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लोगों के पहले आयुष्मान कार्ड बनाए जाते हैं। इसके बाद कार्डधारक किसी भी अस्पताल में जाकर अपना इलाज करवा सकता है।
- वहीं, यहां जान लें कि इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाती है और आयुष्मान कार्डधारक को पैसे देने की जरूरत नहीं होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस कार्ड के जरिए आप पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों में करवा सकते हैं।