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27 साल का सफर- WWE का दीवाना बनाने वाले अंडरटेकर का करियर हुआ खत्म
बीबीसी हिंदी. कॉम
Updated Mon, 03 Apr 2017 04:14 PM IST
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जिन लोगों ने नब्बे और उसके बाद के दशक में बचपन देखा है उनके लिए रेसलिंग एक खेल से कहीं बढ़कर था। टेलीविजन से घंटों चिपके रहना, रेसलरों के कार्ड इकट्ठा करना हो या फिर रेसलिंग वाली गेम्स को जान के ज्यादा चाहना- ये वो दौर था जब क्रिकेट से ज्यादा दिलचस्पी बच्चों की रेसलिंग में हुआ करती थी। और WWF (जो बाद में WWE बना) का हर मैच दिल थामकर देखा जाता था। इस बात से बेखबर कि रेसलिंग में होने वाली लड़ाई असली नहीं बल्कि मनोरंजन है।
बच्चों को खूब पसंद होती थी रेसलिंग
केज मैच, लास्ट मैन स्टैंडिंग, स्लेज हैमर या फिर कोई फीचर - हर मुकाबला धमाकेदार जिसमें हर बच्चा एक नायक और एक खलनायक चुन लेता था। उस दौर में एक रेसलर था जिसका हर अंदाज रहस्य से भरा था, लेकिन इसके बावजूद उसे ज्यादातर लोग पसंद करते थे। रेसलिंग बेल्ट जीतने वाले लड़ाके बदलते रहे, लेकिन इस पहलवान की दीवानगी में जरा भी कमी नहीं आई।
क्या खास था अंडरटेकर में?
अंडरटेकर - नाम ऐसा कि मौत की याद दिला दे। उनके रिंग की तरफ बढ़ने पर डराने वाली सिग्नेचर ट्यून बजती थी और अंधेरा उनकी पहचान था। रेसलर जिस दौर में अपने साथ हसीनाएं रखते थे, अंडरटेकर ताबूत में से निकलते थे। वो विरोधी से पिटकर लेट जाते थे तो दिल बैठ जाते थे।
जब अचानक उठकर बैठ जाते थे तो दिल उछल जाते थे। और सोमवार को जब इस शख़्स के रेसलिंग रिंग से विदाई की बारी आई तो वहां बैठा हर प्रशंसक दुखी था। रेसलमेनिया में अंधेरा था, लेकिन मद्धिम रोशनी में भी फैंस की आंखों के आंसू आसानी से देखे जा सकते थे।
जब अचानक उठकर बैठ जाते थे तो दिल उछल जाते थे। और सोमवार को जब इस शख़्स के रेसलिंग रिंग से विदाई की बारी आई तो वहां बैठा हर प्रशंसक दुखी था। रेसलमेनिया में अंधेरा था, लेकिन मद्धिम रोशनी में भी फैंस की आंखों के आंसू आसानी से देखे जा सकते थे।
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आखिर कौन हैं अंडरटेकर?
द अंडरटेकर अपने आप में मुकम्मल पहचान है, लेकिन ये शख्स कौन है और रिंग से बाहर की दुनिया में किस नाम से पहचाना जाता है, ये जानना भी दिलचस्प रहेगा। इनका असली नाम मार्क विलियम कैलवे है। साल 1984 में वर्ल्ड क्लास चैम्पियनशिप रेसलिंग से जुड़े कैलवे 1989 में 'मीन मार्क' के रूप में वर्ल्ड चैम्पियनशिप रेसलिंग में पहुंचे और वहां से उनका सफर 1990 में वर्ल्ड रेसलिंग फेडरेशन पहुंचा।
27 साल गुजरने के बाद जब अंडरटेकर विदा ले रहे हैं तो सोशल मीडिया पर लोग दुख जता रहे हैं और बता रहे हैं कि उनका रिंग से जाना कितनी बड़ी बात है। आखिर यूं ही उन्हें सर्वकालिक प्रोफेशनल रेसलर नहीं माना जाता।
27 साल गुजरने के बाद जब अंडरटेकर विदा ले रहे हैं तो सोशल मीडिया पर लोग दुख जता रहे हैं और बता रहे हैं कि उनका रिंग से जाना कितनी बड़ी बात है। आखिर यूं ही उन्हें सर्वकालिक प्रोफेशनल रेसलर नहीं माना जाता।
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'उनके जैसा दूसरा कोई नहीं'
जोश ने लिखा है, ''आप इनके जैसा दूसरा कोई नहीं देख पाएंगे। ये दिन याद रखिएगा।'' डेकन पोस्टिंग हैंडल से लिखा गया है, ''रेसलिंग भले नकली होती है, लेकिन MMA की कितनी लड़ाई में आपको रोते हुए लोग मिलेंगे? रेस्ट इन पीस अंडरटेकर।''