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ये है शूटिंग वर्ल्ड कप में गोल्ड-सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतने वाले वकील, सैनिक और स्कूली छात्र की कहानी

Fri, 30 Aug 2019 09:44 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: Rajeev Rai Updated Fri, 30 Aug 2019 09:44 AM IST
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Life Story of Shooter Abhishek Verma, Saurabh Chaudhary and Sanjeev rajput who won medal in WC
अभिषेक/सौरव/संजीव - फोटो : अमर उजाला

रियो डी जेनेरियो में चल रहे आईएसएसएफ शूटिंग वर्ल्ड कप 2019 में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। गुरुवार के दिन भी भारत का दबदबा बरकरार रहा। भारत को एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक मिला।  



खेल दिवस के दिन सबसे पहले 38 वर्षीय संजीव राजपूत ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में रजत पदक जीतकर टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। उसके बाद 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में अभिषेक वर्मा ने स्वर्ण और सौरभ चौधरी ने कांस्य पदक पर निशाना लगाया। 

पदक जीतने वाले तीनों ही खिलाड़ियों की कहानी बेहद दिलचस्प है। एक स्कूली छात्र हैं, एक पेशे से वकील तो एक ओलंपियन। 

Life Story of Shooter Abhishek Verma, Saurabh Chaudhary and Sanjeev rajput who won medal in WC
अभिषेक वर्मा गोल्ड - फोटो : file

सबसे पहले बात करते हैं स्वर्ण पदक जीतने वाले अभिषेक वर्मा के बारे में। 244.2 अंकों के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले अभिषेक की कहानी बेहद दिलचस्प है। कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद अभिषेक ने लॉ की पढाई की। इस दौरान अभिषेक ने शौकिया तौर पर निशानेबाजी करनी शुरू की। लेकिन देखते-देखते अभिषेक का शौक उन्हें चैंपियन बनाने लगा। 2018 में भारत की तरफ से खेलते हुए अभिषेक ने बीजिंग वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतने के साथ ही काफी कम समय में कई मेडल अपने नाम कर लिए हैं। जिला न्यायाधीश के बेटे अभिषेक पहले ही टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। 

Life Story of Shooter Abhishek Verma, Saurabh Chaudhary and Sanjeev rajput who won medal in WC
सौरभ चौधरी - फोटो : social media

अभिषेक के अलावा 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले और टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके सौरव की कहानी संघर्षों से भरी हुई है। एक किशान के बेटे सौरव ने 13 साल की उम्र में निशानेबाजी शुरू की। वो रोजाना घर से 15 किलोमीटर दूर ट्रेनिंग के लिए जाते थे। यही वजह थी कि मात्र 17 साल की उम्र में सौरव ने 5 वर्ल्ड कप मेडल, एशियन गेम्स मेडल और कई अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में मेडल अपने नाम कर लिए हैं। सौरव 10 मीटर पिस्टल में वर्ल्ड रिकॉर्ड और जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं। 

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Life Story of Shooter Abhishek Verma, Saurabh Chaudhary and Sanjeev rajput who won medal in WC
sanjeev rajput

वहीं बात करें सिल्वर जीतकर ओलंपिक में जगह बनाने वाले संजीव राजपूत की तो उनकी कहानी भी बहुत संघर्षपूर्ण रही है। 38 वर्षीय संजीव राजपूत जिनका करियर और जिंदगी बलात्कार के आरोपों के कारण दुरूह बन गयी थी। उन पर उनकी एक महिला साथी ने बलात्कार का आरोप लगाया था जिसके बाद उनकी नौकरी भी चली गई थी। संजीव ने भारतीय नौसेना में काम करने के बाद 2001 में निशानेबाजी शुरू की और उसके बाद वे लगातार पदक जीतते गए। 

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