आधुनिक ओलंपिक 1896 में सबसे पहले एथेंस में आयोजित किए गए थे। जिसके बाद से ओलंपिक का आयोजन 19 देशों में हो चुका है। इस खेल के आयोजन के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जाता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि करोड़ों-अरबों की लागत से बनी ओलंपिक की इमारतों और आयोजन स्थलों का क्या होता है। देखिए दुनिया को चौंका देनी वाली इन तस्वीरों को जो आपको ओलंपिक के बाद का हाल बयां कर रही हैं।
ओलंपिक के बाद चमचमाती जगह ऐसे बन जाती है वीरान खंडहर
स्वीमिंग पूल, बर्लिन, 1936
1936 में बर्लिन में ओलंपिक खेलों का आयोजन किया गया था। इस खेल में 4000 खिलाड़ी दुनियाभर से शामिल हुए थे। लेकिन ओलंपिक खत्म होने के बाद बर्लिन के लोगों ने कभी इस जगह मुड़ कर नहीं देखा। 1936 से लेकर अब तक कई जगहों को या तो ध्वस्त कर दिया गया या फिर वह खंडहर में तब्दील हो गए।
ओलंपिक के बाद चमचमाती जगह ऐसे बन जाती है वीरान खंडहर
ओलंपिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, साराजेवो, 1984
साराजेवो में ओलंपिक खेलों के बाद खिलाड़ियों के लिए बने कॉम्पलेक्स आज भूतहा बन गए हैं। इस कॉम्पलेक्स के आसपास के मैदानों को अब कब्रिस्तान बना दिया गया है।
ओलंपिक के बाद चमचमाती जगह ऐसे बन जाती है वीरान खंडहर
स्की जंपिंग टॉवर, फ्रांस 1968
फ्रांस में हुए ओलंपिक खेलों के दौरान करोड़ों की लागत से स्की जंपिंग टावर का निर्माण किया गया था। लेकिन गेम्स के खत्म होने के बाद लोगों ने इस जगह की तरफ फिर रुख नहीं किया। ऐसे में इस जगह की हालत अब पूरी तरह से जर्रज हो गई है।
ओलंपिक के बाद चमचमाती जगह ऐसे बन जाती है वीरान खंडहर
स्की जंपिंग टॉवर, इटली,1956
इटली में हुए ओलंपिक के आयोजन में पानी की तरह पैसे बहाए गए थे। लेकिन खेल खत्म होने के बाद ये जगह पूरी तरह से सुनसान हो गई। रोचक बात ये है कि स्की जंपिंग टॉवर से ही स्विस जंपर Andreas Dascher ने यही से सबसे पहले नए स्टाइल की छलांग लगाकर दर्शकों को चौका दिया था।