देश की आजादी को 75 साल पूरे हो गए। इन 75 वर्षों में काफी कुछ बदला। आजादी के बाद ये पहला मौका है जब देश में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तीनों आजाद भारत में पैदा हुए हैं। आज के युवा भारत के लिए आजादी के अपने-अपने मायने हैं। अमर उजाला ने हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों से पदक जीतकर लौटे विजेताओं से बात की। इन विजेताओं से जानने की कोशिश की आखिर उनके लिए आजादी के क्या मायने हैं?
आइये जानते हैं…
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पीआर श्रीजेश
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पीआर श्रीजेश (रजत पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर) : आजादी मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण शब्द है। आजादी ऐसे होना चाहिए जैसे आम आदमी के लिए सबकुछ फ्री होना चाहिए। फ्री होने का मतलब यह है कि आम आदमी फ्री मांइड से सुकून से जीवन जी सके। खास तौर पर 'इक्वैलिटी' होनी चाहिए, क्योंकि देखा जाए तो देश में कई लोग ऊपरी वर्ग के हैं और कई लोग निचली वर्ग के हैं। ऐसे में इक्वैलिटी होनी चाहिए और सबको एक कॉमन लाइफ जीने का मौका मिलना चाहिए।
For the next 25 years we need to focus on the 5 resolves 1. Viksit Bharat 2. Removing every ounce of Gulami in us 3. Pride for our glorious heritage 4. Unity 5. Fulfilling our Duties PM Narendra Modi #IDAY2022 #IndependenceDay2022 #स्वतंत्रतादिवस
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कप्तान सविता पूनिया
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सविता पूनिया (कांस्य जीतने वाली महिला हॉकी टीम की कप्तान): आज हम जहां खड़े हैं, उसमें बहुत से लोगों का हाथ है। मेरे लिए निश्चित तौर पर आजादी मेरे घर से शुरू होती है और मैं हर एक परिवार से अपील करूंगी कि आप अपने बच्चे को भी वो आजादी दें ताकि वह अपनी जिंदगी में कामयाब हो सके। जो वो करना चाहता है जिंदगी में वो फ्री माइंड होके कर सके।
PM Narendra Modi exhorts people of the country to pledge against any disrespect to women #IDAY2022 #IndependenceDay2022 #स्वतंत्रतादिवस
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तेजस्विन शंकर
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तेजस्विन शंकर (हाई जम्प के कांस्य विजेता): मेरे लिए क्या सबके लिए आजादी का सबसे बड़ा मतलब होता है मन से, अपने विचारों से एक नकारात्मक सोच से आजादी। मुझे लगता है कि जो भी नकारात्मक सोच होते हैं, उनसे आप आजादी पाएं। मेरे लिए पिछले कुछ महीने काफी मुश्किल बीते। मेरी जिंदगी में कई उतार चढ़ाव आए। आज जब मेरे गले में पदक है, तो मैं यह कह सकता हूं कि ये मेरे लिए आजादी की फीलिंग है कि मैं इस मेडल के साथ वापस आया। मेरी जो भी परेशानियां थीं, वह मैंने सिर्फ अकेले नहीं, बल्कि जिन्होंने भी मेरा साथ दिया उनके साथ मिलकर पीछे छोड़ आया। आज मैं आजाद महसूस कर रहा हूं। इसमें मेरे अकेले की मेहनत सही, सभी की मेहनत है।
Today we see the success of Digital India and startups The Digital India Movement with production of semiconductors, 5G networks, Optical fibre network show strength in 3 sectors 1. Education 2. Health Facility 3. Change in common man’s lives PM Narendra Modi
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निकहत जरीन
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निकहत जरीन (बॉक्सिंग में स्वर्ण जीता): बहुत अच्छा लगता है जब हम स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं और हम यह कई सालों से मनाते आए हैं। मेरे लिए बड़ी बात है कि स्वतंत्रता दिवस से पहले मैंने अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीता, वह भी उस देश में जिस देश ने हम पर इतने सालों तक राज किया। मेरी आगे भी कोशिश यही रहेगी कि जब भी अपने देश का प्रतिनिधित्व करूं, अपने देश के लिए पदक जीतकर अपने देश का नाम रोशन करूं।