क्रोएशिया ने शनिवार को रोमांचक क्वार्टरफाइनल में रूस को पेनल्टी शूटआउट में 2-2 (4-3) मात देकर फीफा विश्व कप 2018 के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। अब बुधवार को उसका सामना इंग्लैंड से होगा, जिसने तीसरे क्वार्टरफाइनल में स्वीडन को आसानी से 2-0 से हराया।
क्रोएशिया और रूस के बीच फिश्ट स्टेडियम में खेला गया मुकाबला अतिरिक्त समय की समाप्ति तक 2-2 से बराबर रहा। उल्लेखनीय है कि फुलटाइम यानी 90 मिनट तक दोनों टीमों का स्कोर 1-1 से बराबर था। इसके बाद अतिरिक्त समय के आधे घंटे के अंदर दोनों टीमों ने एक-एक गोल औेर दागकर स्कोर 2-2 की बराबरी पर ला खड़ा किया। फिर पेनल्टी शूटआउट से मैच का नतीजा निकला।
बहरहाल, यह मुकाबला क्रोएशिया के लिए किसी ड्रामा से कम नहीं बीता। क्रोएशिया की टीम अपने खिलाड़ियों की फिटनेस से परेशान रही। उसके करीब तीन खिलाड़ी चोटिल हुए। गोलकीपर सुबासिच को हैमस्ट्रिंग की समस्या हुई। इसके अलावा वर्साल्जको और अब मैंडुजिक भी फिटनेस के लिए संघर्ष करते गए। वर्साल्जको का बदलाव किया गया, लेकिन अन्य दो का संघर्ष जारी रहा।
पेनल्टी शूटआउट में पहला शॉट रूस ने लिया। विश्व कप में एक शर्मनाक रिकॉर्ड है कि 6 टीमें पहले पेनल्टी शॉट लेने के दौरान हारी हैं। रूस के साथ भी यही हुआ। वैसे, एक और तथ्य है कि जिस मैच में क्रेमरिच क्रोएशिया के लिए पहला गोल दागते हैं, वह मुकाबला टीम जरूर जीतती है। यह दोनों ही फैक्ट्स रूस के खिलाफ गए। पेनल्टी शूटआउट का पहला शूट मेजबान टीम के स्मोलोव आए। उन्होंने जोरदार किक जमाई, लेकिन चोट से जूझ रहे सुबासिच ने बाएं हाथ से शानदार बचाव किया।
इसके बाद क्रोएशिया की ओर से मार्सेलो ब्रोजोविच पहला शूट करने आए। उन्होंने गेंद जाली में भेदी और क्रोएशिया को 1-0 से आगे कर दिया। इसके बाद रूस के एलन जागोएव आए और गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। फिर कहानी में नया ट्विस्ट आया। क्रोएशिया के लिए दूसरा शूट लेने आए मैटियो कोवासिच ने किक जमाई, लेकिन रूसी गोलकीपर अकिनफीव ने बेहतरीन बचाव किया। अब दो शूट के बाद दोनों टीमों का स्कोर 1-1 से बराबर हो गया। फैंस की धड़कनें बढ़ी हुई स्पष्ट दिख रही थी।