फीफा विश्व कप में खेलने वाली सारी टीमों की नजर ट्रॉफी पर बनी रहती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि फीफा विश्व कप के 88 साल के इतिहास में इस ट्रॉफी की कितनी बार चोरी हुई है। आइये हम आपको बताते हैं।
दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल फुटबॉल के महाकुंभ को जीतने वाली टीम को मिलने वाली ट्रॉफी न सिर्फ खिलाडियों को पसंद है बल्कि चोरों के बीच भी बेहद लोकप्रिय है। दुनिया की सबसे चहेती ट्रॉफियों में शुमार यह फीफा विश्व कप ट्रॉफी की अब तक दो बार चोरी हो चुकी है।
फुटबॉल विश्व कप 1966 इंग्लैंड में खेला जाना था और टूर्नामेंट के शुरू होने से करीब 3 माह पहले ट्रॉफी चोरी हो गई थी। ट्रॉफी को सेंट्रल लंदन के वेस्टमिंस्टर हॉल में रखा गया था। वहां से यह ट्रॉफी चोरी हो गई थी। चोरी होने के 7 दिन बाद ही ट्रॉफी एक गार्डन में अखबार में पड़ी मिली थी।
ब्राजील के 1970 में विश्व कप जीतने के बाद इस ट्रॉफी को लेकर ब्राजीली खिलाड़ी मैदान में घूमे और इसी दौरान ट्रॉफी का सोने का ऊपरी हिस्सा गायब हो गया, जो बाद में ब्राजील के खिलाड़ी डवियो को स्टेडियम के निकास के पास एक दर्शक के पास मिला। इस घटना के बाद नई ट्रॉफी को केवल एक हिस्से में बनाया गया।
इस ट्रॉफी को पहले विश्व कप या कोप डु मोंडे के नाम से जाना जाता था लेकिन फीफा ने रिमेट के योगदान को देखते हुए 1946 में इस ट्रॉफी को उनका नाम दिया। किसी भी विजेता टीम को असली ट्रॉफी नहीं दी जाती थी लेकिन ब्राजील ने जब 1970 में तीसरी बार खिताब जीता तो उसे असली ट्रॉफी सौंप दी गई।