फ्रांस के दिग्गज फुटबॉलर जिनेदीन जिदान की विदाई जिस तरह हुई वो वाकई दुखद थी। साल 2006 के फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में कुछ ऐसा हुआ जो वर्ल्ड कप के इतिहास का काला अध्याय बन गया, जिसके कारण रियल मैड्रिड को लगातार रिकॉर्ड तीसरी बार चैंपियन बनाने वाला जिदान के करियर का दुखद अंत हो गया। आखिर जीनते हैं कि ऐसा क्या हुआ था, जिससे जिदान के करियर का दुखद अंत हुआः
फीफा फ्लैशबैक: वो वर्ल्ड कप जिसे इटली की जीत से ज्यादा जिदान के 'हेडबट' के लिए जाना जाता है
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अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास के फैसले को बदलकर कोच रेमंड डोमेनेक के कहने पर जर्मनी में 2006 में वे विश्व कप खेलने उतरे। इसके बाद सब कुछ सपने सरीखा रहा और टीम को वे फाइनल तक ले गए। अंतिम 16 में स्पेन को हराने के बाद फ्रांस का सामना ब्राजील से था जिसे वह 1998 फाइनल में हरा चुकी थी।
जिदान की फ्री किक पर थियेरा हेनरी ने फ्रांस के लिए गोल किया और टीम प्रबल दावेदार ब्राजील को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच गई। जिजोउ की पेनल्टी ने टीम को अंतिम 4 में भी जीत दिलाई। दोनों मैचों में वे फ्रांस की जीत के हीरो रहे और अपने शानदार फॉर्म में नजर आए।
इटली के खिलाफ फाइनल में जिदान ने टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। इटली के लिए मार्को मातेराजी ने 19वें मिनट में बराबरी का गोल दागा। मैच पेनल्टी शूटआउट की तरफ बढ़ता दिख रहा था। अतिरिक्त समय में कुछ ही पल बाकी थे और उसके बाद इन दोनों खिलाड़ियों के बीच जो हुआ, वह विश्व कप के इतिहास का काला अध्याय है।
बता दें कि जिदान ने सिर से मातेराजी की छाती पर जबर्दस्त प्रहार किया, जो एक पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर उसका आखिरी 'हेडर' था। हालांकि, जिदान को लाल कार्ड देखना पड़ा और फ्रांस को 5-3 से हार का सामना करना पड़ा था। वह विश्व कप इटली की जीत से ज्यादा जिदान के उस 'हेडबट' के लिए जाना जाता है।