फीफा विश्व कप का बिगुल बस बजने ही वाला है। 32 टीमों में से ज्यादातर रूस पहुंच चुकी हैं। फुटबॉल महाकुंभ के लिए सभी टीमें चमचमाती ट्रॉफी को उठाने को तैयार हैं। आठ ग्रुपों में बंटी टीमों के बीच रोमांचक भिड़ंत के लिए मंच सज चुका है। प्रमुख दावेदारों में किसका दावा है दमदार। आइये डालते हैं एक नजर इन पांच चीमों परः
इन टीमों से हैं फैंस को फीफा वर्ल्ड कप 2018 जीतने की पूरी उम्मीद, खिताब की हैं प्रबल दावेदार
नेमार की वापसी से ब्राजील मजबूत
ब्राजील : पांच बार की चैंपियन ब्राजील हर बार की तरह मजबूत दावेदारी रखती है। लैटिन अमेरिका में सबसे पहले क्वालिफाई करने वाली टीम में कोच टिटे के मार्गदर्शन में 21 में से 17 मैच जीते हैं। प्रमुख स्ट्राइकर नेमार फिट होकर वापसी कर चुके हैं। क्रोएशिया और ऑस्ट्रिया के खिलाफ मैचों में गोल करके उन्होंने अपनी फिटनेस भी साबित कर दी है। तीन माह पहले हुए पांव के ऑपरेशन के बाद विएना में किया उनका गोल वाकई बेहतरीन था। गोल करने के मामले में मैनचेस्टर यूनाइटेड में शामिल गैब्रिएल जीसस भी आगे रहे हैं। पिछले विश्व कप में अपनी मेजबानी में टीम सेमीफाइनल में जर्मनी से 1-7 से पराजित हो गई थी लेकिन इस बार वह खिताब जीतकर कसक दूर करना चाहेगी। टीम को अपने राइट बैक दानी अल्वेस की कमी खल सकती है तो चोटिल होने के कारण टीम का हिस्सा नहीं होंगे।
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05: बार विश्व कप जीतने में सफल रही है ब्राजील की टीम
ग्रुप में मुकाबला: स्विट्जरलैंड, कोस्टा रिका, सर्बिया
चैंपियन के लिए चुनौती नहीं आसान
जर्मनी: पिछली बार की चैंपियन जर्मनी भी बड़ी साख रखती है लेकिन इस बार अभ्यास मैचों में टीम अपने रंग में नजर नहीं आई है। कोच जोकिम लोयू की टीम ने अभ्यास मैच में सउदी अरब को 2-1 से हराया लेकिन उससे पहले पांच मैचों में टीम को जीत नहीं मिली थी। प्रमुख विकेटकीपर मैनुएल नेयूर की चोट जर्मनी के लिए चिंता का सबब है। पिछले चार विश्व कप में टीम कम से कम सेमीफाइनल तक जरूर पहुंची है। रूस में उसके दावे को सिर्फ अभ्यास मैचों के परिणामों को देखकर कमजोर नहीं आंका जा सकता। टीम ने युवाओं पर दांव लगाया है। टीम के स्टार मैसुत ओजिल को करिश्मा दिखाने की जरूरत पड़ेगी।
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04: विश्व कप से हर बार जर्मनी कम से कम सेमीफाइनल में जरूर पहुंची है
18 : बार विश्व कप खेल चुकी है जर्मनी की टीम
ग्रुप में चुनौती : मैक्सिको, स्वीडन, कोरिया
स्पेन का दांव टिकी-टाका शैली पर
स्पेन : ब्राजील में हुए विश्व कप में स्पेन ग्रुप दौर में बाहर हो गया था। कोच जुलेन लोपेतेगुई के दायित्व संभालने के बाद टीम को हार का सामना नहीं करना पड़ा। अभ्यास मैच में ट्यूनीशिया को 1-0 से पराजित किया। छोटे-छोटे पासों से टिकी-टाका शैली से खेलने वाली टीम का ग्रुप बी में पहला मैच पुर्तगाल से है और उसकी अग्रिम पंक्ति में शामिल लागो अस्पास, रोडरिगो और डिएगो कोस्टा काफी क्षमतावान खिलाड़ी हैं। डेविड सिल्वा का अनुभव भी टीम के साथ है। कोच जुलेन का कहना है कि हम इस विश्व कप में क्या करेंगे यह आपको मैदान पर हमारा खेल देखकर पता चल जाएगा। हमें शुरुआत में तीन मैच खेलने का टिकट मिला है। बाकी मैच खेलने का हक हम खुद हासिल करेंगे।
रैंकिंग : 10
2010: में दक्षिण अफ्रीका में हुए विश्व कप में खिताब जीता था स्पेन ने
ग्रुप में चुनौती : पुर्तगाल, मोरक्को, ईरान
मेसी से अर्जेंटीना की उम्मीद की डोर
अर्जेंटीना : क्वालिफाइंग दौर में मुश्किल दौर से गुजरकर रूस का टिकट पाना अर्जेंटीना के लिए आसान नहीं रहा है। टीम का यरूशलम में इस्राइल के खिलाफ अभ्यास मैच भी रद्द हो गया जिससे उसे विश्व कप से पहले मैच प्रैक्टिस का अभाव खल सकता है। कोच जॉर्ज सैमपोली की टीम को मैनुएल लैनजिनी की चोट से भी झटका लगा है। आलोचकों का तो यहां तक कहना है कि अर्जेंटीना की सफलता का दारोमदार स्टार खिलाड़ी मैसी के मैजिक पर ही टिका है। हालांकि टीम में मिडफील्डर गियोवानी लो सेलसो के अलावा अग्रिम पंक्ति में गोंजेलो हिगुएन, सर्जियो एगुएरो, पाउलो डायबाला और एंजेल डि मारिया शामिल हैं। पिछली बार टीम फाइनल में पहुंची थी।
रैंकिंग : 05
ग्रुप में चुनौती : आइसलैंड, क्रोएिशया, नाजीरिया
02: बार विश्व कप जीत चुका है अर्जेंटीना 1978 और 1986 में