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रोनाल्डो ने मां के कहने पर फुटबॉल के लिए छोड़ा था स्कूल, कहानी ऐसी जो कर देगी आपको भावुक

Wed, 27 Jun 2018 07:05 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 27 Jun 2018 07:05 AM IST
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Cristiano Ronaldos mother says leave school for football know their untold story 
क्रिस्टियानो रोनाल्डो

पुर्तगाल के स्टार खिलाड़ी और दिग्गज फुटबॉलरों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा, विश्व कप में खेलना हर फुटबॉलर का सपना होता है। लेकिन पंद्रह वर्ष की उम्र में जब मेरे दिल का ऑपरेशन करना पड़ा था, तो मुझे कई दिनों तक मैदान से बाहर रहना पड़ा और यह आशंकाएं तक जताई गईं कि कभी मैं फुटबॉल खेल सकूंगा या नहीं। मेरी पारिवारिक पृष्ठभूमि बहुत साधारण रही है। 


 

साधारण था परिवार

Cristiano Ronaldos mother says leave school for football know their untold story 
रोनाल्डो

रोनाल्डो ने कहा मेरी मां कुक थीं और पिता नगरपालिका में माली होने के साथ ही फुटबॉल टीम के साथ पार्ट टाइम किट मैन भी थे। मुझसे बड़ा मेरा एक भाई है और मेरी दो बहनें भी हैं। मेरा जन्म पांच फरवरी, 1985 को पुर्तगाल के साओ पेड्रो, फनचल में हुआ था। मेरे पिता रोनाल्ड रीगन के अभिनय के दीवाने थे, सो मेरा नाम उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो डोस सांतोस एवेरिरो रख दिया। मजेदार बात यह है कि इसका रीगन के अमेरिका का राष्ट्रपति होने से कोई संबंध नहीं था। पिता के किट मैन होने के कारण बचपन से मेरा रुझान फुटबॉल की ओर हो गया था।

बारह वर्ष में मिला पहला मौका

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रोनाल्डो

1997 में मुझे लिस्बन स्थित स्पोर्टिंग क्लब पुर्तगाल जिसे स्पोर्टिंग सीपी के नाम से जाना जाता है, ट्रॉयल देने का मौका मिला। तीन दिन के ट्रॉयल के बाद मुझे इस प्रतिष्ठित क्लब ने डेढ़ हजार पाउंड में साइन कर लिया। उस समय मेरी उम्र 12 वर्ष थी और मैं स्कूल में पढ़ ही रहा था। 14 वर्ष की उम्र में मुझे एहसास हुआ कि मैं पेशेवर खिलाड़ी की तरह खेल सकता हूं और मैं मेरी मां की इस बात से सहमत था कि मुझे अपना ध्यान पूरी तरह से फुटबॉल पर केंद्रित करने के लिए स्कूल छोड़ देना चाहिए।

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सात नंबर की जर्सी

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क्रिस्टियानो रोनाल्डो

16 वर्ष की उम्र में मेरी ड्रिबलिंग से प्रभावित होकर स्पोर्टिंग क्लब के मैनेजर ने मुझे युवाओं की टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद मैं एक ही सत्र में अंडर-16, अंडर-17 और अंडर-18 में खेलने वाला पहला खिलाड़ी बन गया। इसके बाद 2003-04  के सत्र से पहले मैं मैनचेस्टर युनाइटेड से जुड़ गया और यह करार था 1.2 करोड़ पाउंड का। उस वक्त मैं इंग्लिश फुटबॉल का सबसे महंगा किशोर खिलाड़ी था। 

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जब महान फुटबॉलर फर्ग्यूसन ने कहा...

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RONALDO

मैनचेस्टर की ओर से खेलने के लिए मैंने 28 नंबर की जर्सी मांगी थी। लेकिन इंग्लैंड के महान फुटबॉलर फर्ग्यूसन ने कहा कि मुझे सात नंबर की जर्सी पहनकर खेलना चाहिए। यह मेरे लिए बड़ी बात थी, क्योंकि जॉर्ज बेस्ट, ब्रॉयन रॉबसन, एरिक कैंटोना और डेविड बेकहम जैसे खिलाड़ी भी सात नंबर की जर्सी पहनते थे। मैनचेस्टर के बाद 2009 में जब मैं स्पेन के दिग्गज क्लब रीयल मैड्रिड से जुड़ा, तो लगा मानो मेरी मंजिल मुझे मिल गई। पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के अलावा मैं रीयल मैड्रिड की ओर से खेलता हूं।

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