आचार्य चाणक्य कुशाग्र बुद्धि के धनी थे। व्याव्हारिक जीवन की अच्छी समझ होने का साथ ही ये कई विषयों में भी परांगत थे। इसी कारण इन्हें कौटिल्य और विष्णु गुप्त के नाम से भी जाना जाता था। आचार्य चाणक्य न केवल एक श्रेष्ठ विद्वान थे बल्कि ये एक योग्य शिक्षक भी थे। इनके जीवन का एक बड़ा हिस्सा शिक्षण में ही व्यतीत हुआ था। इन्होंने विश्वप्रसिद्धि तक्षशिला विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की थी और वहीं पर आचार्य के पद पर रहते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। इनके द्वारा लिखे गए नीति शास्त्र में धन, कार्यक्षेत्र, सामाजिक जीवन, और निजी जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है। यदि इनकी बताई नीतियों का अनुसरण जीवन में सही प्रकार से किया जाए तो व्यक्ति जीवन की समस्याओं से मुक्ति प्राप्त कर, सफलता पा सकता है। नीति शास्त्र में एक सफल नेतृत्वकर्ता यानी लीडर बनने के लिए व्यक्ति में कुछ गुणों का होना आवश्यक बताया गया है। जिन लोगों में ये गुण होते हैं वे एक अच्छे नेतृत्वकर्ता बनते हैं। तो आइए जानते हैं कि कौन से हैं वे गुण।
नीति शास्त्र: जिनमें होते हैं ये गुण, बनते हैं सफल नेतृत्वकर्ता
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Wed, 09 Jun 2021 08:48 AM IST
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