महान पंडित आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में अपने जीवन के अनुभवों को साझा किया है। इसमें उन्होंने जीवन को सही तरीके से जीने के बारें में बताया है।आचार्य चाणक्य को आज भारतीय इतिहास के महान विद्वानों में स्थान दिया जाता है। अगर उनकी बातों पर ध्यान दिया जाएं तो व्यक्ति जीवन में कभी मात नहीं खा सकता है। आचार्य चाणक्य ने कहा है की जीवन में ये चार बातें किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। आज जानते है आचार्य चाणक्य द्वारा कही गयी वो 4 बातें जो कभी किसी को नही बतानी चाहिए।
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चाणक्य नीति: किसी को भी न बताएं ये 4 बातें, हो सकता है नुकसान
Wed, 11 Mar 2020 06:49 AM IST
योगेश जोशी
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Wed, 11 Mar 2020 06:49 AM IST
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अपना दुख किसी को न बताएं
- बहुत से लोग अपनी छोटी छोटी परेशानियों को हर किसी के साथ साझा कर देते है। चाणक्य निति के अनुसार ऐसा करना सही नहीं होता है। अपनी दुख, तकलीफें और दर्द दूसरों को बताकर हम अपना बहुत बड़ा नुकसान करते है। दूसरे लोगो के पास इतना समय नहीं होता है की वह आपके दुख, दर्द को समझे। अधिकतर लोग आपके सामने आपको सांत्वना तो देंगे पर आपके जाने के बाद आपका मजाक बनाने लग जाएंगे।अपने दुखों और तकलीफों को सिर्फ उन्हीं लोगों को बताएं जो आपके बहुत करीबी होते है और जिन पर आपको पूरा विश्वास होता है।
अपमान को साझा न करें
- आचार्य चाणक्य कहते है की हमें अपने जीवन में हुए अपमान को कभी भी किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। जीवन में कई बार हमारे साथ ऐसी घटनाएं घट जाती है, जब हमारा मजाक बन जाता है। अगर आपका भी जीवन में कभी अपमान हुआ है तो उसे हमेशा गुप्त ही रखें। अगर आप उस घटना के बारें में लोगों को बताएंगे तो वह आपका मजाक ही बनाएंगे। जीवन में बहुत कम लोग हमारी कद्र करते हैं।
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घर परिवार की बातें किसी के साथ साझा ना करें
- चाणक्य ने कहा है की जब हम अपने घर की बातें लोगों के साथ साझा करने लगते है तो हमारे घर की छोटी से छोटी बात बाहर वालो को पता लग जाती हैं। जिसका फायदा उठाकर लोग षड्यंत्र करके घर में क्लेश पैदा करते है। विशेषकर किसी व्यक्ति द्वारा अपने पत्नी के चरित्र की बातें कभी भी किसी इंसान से साझा नहीं करनी चाहिए क्योंकि पत्नी का सीधा संबंध पति के साथ होता है और पत्नी के अपमान का मतलब है पति का अपमान।
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अपनी आर्थिक स्थिति
- जीवन में कई बार हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती है। कभी कभी ऐसा समय भी आता है जब हम धन दौलत से हाथ धो बैठते है। चाणकय निति के अनुसार हमें ऐसे समय में अपने हालात किसी को भी नहीं बताने चाहिए। अपने खोये हुए धन की अगर हम हर जगह चर्चा करेंगे तो लोग मजाक बनाने लग जाएंगे, मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आएगा। ऐसे समय में हमें मजबूती से नए सिरे से काम की शुरुआत करनी चाहिए।