चाणक्य नीति भले ही ईसा पूर्व की हो, लेकिन आज भी उनकी नीति शत प्रतिशत सार्थक हैं। उनकी कहीं गई बातें, दिए गए दिशा-निर्देश वास्तविक जीवन में प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी रहेंगे। अपनी कुशाग्र बुद्धि के कारण उन्होंने एक राजा को रंक और एक रंक को राजा बना दिया था।
उनके द्वारा लिखी गई किताब ‘अर्थशास्त्र’ अपने नाम के इतर राजनीति विषय को लेकर बहुत कुछ बतलाती है। उन्होंने जीवन के हर एक महत्वपूर्ण पहलु पर अपने अनमोल विचार रखें हैं। अपने इन्ही विचारों में उन्होंने महिलाओं को कामुक मर्दों की पहचान करने और उनसे दूर रहने के गुण बतालाएं।
काम-वासना को प्राथमिकता देने वाले मर्दों को लेकर चाणक्य ने कहा है कि जो पराई स्त्रियों को देखकर ललचाते हैं, जो नई-नई स्त्रियों से संबंध बनाना चाहते हैं महिलाओं को उनसे बचकर रहना चाहिए।
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उनकी पहचान बताते हुए विष्णु गुप्त (चाणक्य) ने कहा है कि ऐसे मर्द जो अधिक महंगे कपड़े पहनते हैं, सजने-संवरने में अधिक ध्यान देते हैं। ऐसे पुरुषों की काम वासना की भूख कभी समाप्त नहीं होती है, बल्कि वह बढ़ती जाती है। इस तरह के मर्दों का संबंध भी एक से अधिक महिलाओं के साथ होता है।
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इसलिए महिलाओं को ऐसे मर्दों को पहचाना चाहिए। क्योंकि ऐसे मर्द आपको काम-वासना के लिए ही याद करेंगे। आपकी देह ही उन्हें प्रिय होगी और जब आपका शरीर उनके लिए नीरस हो जाएगा तो वे कहीं और से अपनी वासना की भूख मिटाएंगे।