आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान होने के साथ ही एक योग्य शिक्षक भी थे। इनका संबंध विश्वप्रसिद्ध तक्षशिला विश्वविद्यालय से था। इन्होंने यहीं से शिक्षा प्राप्त की और शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों को शिक्षा भी प्रदान की। आचार्य चाणक्य ने अपने जीवन में हर तरह की परिस्थितियों का सामना किया परंतु कभी अपना आत्मविश्वास और धैर्य नहीं खोया। अपनी कुशाग्र बुद्धि और नीतियों का प्रयोग करके अपने शत्रु घनानंद का नाश किया और इतिहास की धारा को एक नया मोड़ दिया। आचार्य चाणक्य के द्वारा लिखित नीति शास्त्र की बातें आज के जीवन में भी प्रासंगिक हैं। आचार्य चाणक्य धन से ज्यादा आत्मसंतुष्टि को महत्व देते थे परंतु उन्होंने ऐसी चीजों के बारे में भी बताया है जिसमें मनुष्य को कभी संतुष्ट नहीं होना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि कौन सी हैं वे चीजें और क्या कहती है चाणक्य नीति।
Chanakya niti: इन चीजों से कभी नहीं होना चाहिए संतुष्ट, जानिए क्या कहती है चाणक्य नीति
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Thu, 22 Apr 2021 08:10 AM IST
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