आचार्य चाणक्य कुशाग्र बुद्धि के श्रेष्ठ विद्वान थे। ये किताबी ज्ञान में तो निपुण थे ही साथ में इनकी व्यवहारिक समझ भी बहुत अच्छी थी। ये अर्थशास्त्र, कूटनीति और राजनीति में कुशल थे। अर्थशास्त्र के मर्मज्ञ होने के कारण इन्हें कौटिल्य भी कहा जाता था। इन्होंने अपने जीवन में बहुत ही विपरीत परिस्थितियों का सामना किया लेकिन कभी हार नहीं मानी और अपनी बुद्धि एवं नीतियों का प्रयोग करते हुए नंद वंश का नाश करके चंद्रगुप्त को गद्दी पर बिठाया। इनके द्वारा कई महत्वपूर्ण शास्त्र लिखे गए। जिसमें से नीतिशास्त्र की बातें आज भी प्रासंगिक हैं। मनुष्य के सदैव अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए क्योंकि माता-पिता ही आपको इस संसार में लेकर आते हैं और आपका भरण-पोषण करते हैं। आपके जीवन को सुखमय और उज्वल बनाने के लिए एक पिता अपने दिन रात एक कर देता है, इसलिए सदैव अपने पिता का सम्मान करें। नीतिशास्त्र में पिता के अलावा भी चार ऐसे लोगों के बारे में बताया गया है जिनका सदैव पिता के समान सम्मान करना चाहिए।
चाणक्य नीति: पिता के समान होते हैं ये चार लोग, सदैव करें इनका सम्मान
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Thu, 03 Jun 2021 08:05 AM IST
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