हमारे शास्त्रों और पुराणों में जीवन को सुखमय बनाने और परेशानियों से निजात पाने के लिए कई तरह की बातें बताई गई हैं। जिनका पालन करने पर व्यक्ति को हर एक काम में सफलता जरूर मिलती है। गरुड़ पुराण में ऐसी ही कुछ बातों का उल्लेख किया गया है जिसका पालन करने पर व्यक्ति के यश और सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। गरुड़ पुराण के अनुसार किसी भी व्यक्ति को पांच तरह के कार्य नहीं करना चाहिए। ऐसे में जो व्यक्ति इन कामों को करते हैं उनके जीवन में हमेशा उन्हें असफलता ही प्राप्त होती है।
सीख: भूलकर भी ना करें ऐसे पांच काम, कभी नहीं होंगे असफल
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आय कम होने पर भी दानी बनना
कुछ लोगों का यह स्वभाव होता है कि वह दूसरों को अक्सर पैसे उधार देते रहते हैं। वे इस चीज को नहीं परखते कि वाकई उस व्यक्ति को पैसे की जरूरत है कि नहीं। पैसे उधार मांगने वाला व्यक्ति आपके स्वभाव का फायदा उठाता है। इस स्वभाव के व्यक्ति अपनी कम आय होने पर भी दूसरों को दान या पैसे देते रहते हैं। इस स्वभाव के लोग हमेशा दुखी रहते हैं। शास्त्र कहते हैं कि किसी व्यक्ति को अपनी क्षमता से ज्यादा किसी को दान नहीं देना चाहिए।
धन होने पर भी कंजूस बने रहना
जिस प्रकार धन न होने पर किसी और के द्वारा धन मांगने पर उसे किसी तरह से उधार देना एक गलत आदत है। उसी प्रकार जो लोग धन और सुख-सुविधा से संपन्न होने के बावजूद कंजूस बने रहते हैं उन्हें समाज में ज्यादा मान-सम्मान नहीं मिलता। शास्त्रों में कहा गया है कि व्यक्ति को हमेशा अपने सामर्थ्य के अनुसार ही दान करना चाहिए।
संस्कारी संतान नहीं होने पर
मान-सम्मान उन्हीं को सबसे ज्यादा प्राप्त होती है जिनके अंदर अच्छे संस्कार होते हैं। ऐसे में जिन माता-पिता के संस्कारी संतान नहीं होते हैं उन्हें अपनी संतान की वजह से समाज में अपमानित होना पड़ सकता है। माता-पिता को अपनी संतान को अच्छे संस्कार की शिक्षा देनी चाहिए ताकि समाज में मान-सम्मान मिलता रहे।
गलत लोगों की संगत में रहने वाला
अच्छी संगति में रहने से अच्छे गुण विकसित होते हैं और बुरी संगति का परिणाम हमेशा बुरा ही मिलता है। ऐसे में जो लोग गलत लोगों की संगत में रहते हैं उन्हें कभी भी मान सम्मान नहीं मिलता है। इसलिए कभी भी बुरे आचारण करने वाले और अधर्मी लोगों की संगत में नहीं बैठना चाहिए।