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चाणक्य नीति: अच्छी सेहत के लिए आचार्य चाणक्य की ये पांच बेहतरीन बातें

Wed, 24 Jun 2020 07:03 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: रुस्तम राणा Updated Wed, 24 Jun 2020 07:03 AM IST
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Chanakya Niti in Hindi for healthy life
चाणक्य नीति - फोटो : Social media

Chanakya Niti in Hindi: चाणक्य नीति में कई ऐसे सूत्र हैं जिन्हें अपनाकर व्यक्ति सफलता की ऊंचाइयों को छू सकता है। इसमें बताए गए सूत्र मनुष्य जीवन के लिए मार्गदर्शिका का कार्य करते हैं। चाणक्य नीति मनुष्य जीवन के हर एक महत्वपूर्ण पहलू को स्पर्श करती है। इसी में से एक पहलू है स्वास्थ्य। 

Chanakya Niti in Hindi for healthy life
चाणक्य नीति के अनुसार पानी पीने का तरीका - फोटो : सोशल मीडिया
अजीर्णे भेषजं वारि जीर्णे वारि बलप्रदम्।
भोजने चामृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम्।।

अर्थात भोजन न पचने पर पिया गया पानी औषिधि के समान होता है। भोजन पचने के करीब आधे से एक घंटे बाद पानी पीना शरीर के लिए फायदेमंद माना गया है। भोजन के बीच में बहुत थोड़ा पानी पीना अमृत के समान माना गया है। वहीं भोजन के तुरंत बाद पानी का सेवन विष के समान होता है जो शरीर को हानि पहुंचाता है। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए हमारी सेहत का अच्छा होना बहुत ही जरूरी है।

Chanakya Niti in Hindi for healthy life
प्रतीकात्मक तस्वीर

इसमें आचार्य चाणक्य ने यह बताया है कि हमें अच्छे स्वास्थ्य के लिए पानी किस समय पीना चाहिए। क्योंकि हम अक्सर पानी पीने के सही तरीके से अंजान होते हैं। इसी प्रकार वे खान-पान को लेकर कहते हैं कि हम जैसा भोजन ग्रहण करेंगे। वैसा ही हमारा मन परिवर्तित होगा। उसी के अनुरूप ही हम आचरण करेंगे।

इस संबंध में एक कहावत भी है कि जैसा खाएंगे अन्न, वैसा होगा मन। आचार्य चाणक्य के अनुसार, यदि हम सात्विक भोजन करते हैं तो हमारा मन सात्विक होता है। हमारे विचार भी निर्मल होते हैं। ऐसे ही राजसिक भोजन करने पर राजसी विचार आते हैं और तामसिक भोजन करने पर हमारे विचारों में भी उस तरह का भाव देखने को मिलता है।  

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Chanakya Niti in Hindi for healthy life
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : www.pexels.com
चाणक्य नीति के अनुसार, यह भी कहा गया है कि व्यक्ति को लोभी नहीं होना चाहिए। क्योंकि लोभी व्यक्ति की मानसिक स्थिति धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। युवाओं के लिए चाणक्य ने कहा है कि युवाओं को कामवासना से दूर रहना चाहिए। क्योंकि यह उन्हें लक्ष्य से दूर ले जाता है। यह भटकाने का कार्य करता है। 
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Chanakya Niti in Hindi for healthy life
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

आचार्य चाणक्य के अनुसार, अच्छी सेहत और निरोगी काया के लिए सप्ताह में एकबार पूरे शरीर की मालिश करनी चाहिए। इससे रोम छिद्र खुल जाते हैं और अंदर की गंदगी बाहर निकल जाती है। मालिश के बाद स्नान अवश्य ही करना चाहिए।

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