छुट्टियों के दिनों में अगर आप किसी यात्रा पर जाने का प्लान बना रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। सनातन संस्कृति में हर एक शुभ कार्य को करने से पहले मुहूर्त या अन्य शुभ चीज़ों का विचार किया जाता है। इससे कार्य में सफलता मिलती है। ऐसे अगर आप छुट्टियों में कही जाने की सोच रहे हैं तो ज्योतिष विज्ञान की इन बातों का ध्यान अवश्य रखें...
Holiday Season: यात्रा पर जाने से पहले ज्योतिष की इन बातों का जरूर रखें ध्यान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिशा शूल का आशय यहां उस दिशा से जहां आपको नहीं जाना चाहिए। यानि उस दिशा में जाने से आपकी यात्रा में किसी प्रकार की बाधा आ सकती है। इसमें दिन का भी विचार किया जाता है। हालांकि दिशा शूल का प्रभाव दिन के 12 बजे तक ही प्रभावी होता है। जैसे -
दिशा शूल
पूर्व दिशा - सोमवार और शनिवार के दिन पूर्व की दिशा में नहीं जाना चाहिए। क्योंकि इन दिनों इस दिशा में दिशा शूल होता है।
पश्चिम दिशा - रविवार और शुक्रवार को पश्चिम में दिशाशूल होता है।
उत्तर दिशा - मंगलवार और बुधवार के दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल होता है।
दक्षिण दिशा - गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा में जाना ठीक नहीं होता है।
यात्रा के लिए उठाएं सबसे पहले दाहिना पैर
हमेशा यह याद रखें यात्रा करने जा रहे हैं तो घर की चौखट से सबसे पहले दाहिना पैर निकालें। इसके बाद कुछ कदम चलें और फिर वाहन में बैठें।
यात्रा के दौरान ठहरने के नियम
शास्त्रों के अनुसार, ऐसा कहते हैं कि यात्रा के समय 3 से 4 दिनों तक ही ठहरना शुभ होता है। इससे ज्यादा नहीं रुकना चाहिए।