- पौष के महीने में सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार का दिन विशेष तौर पर सूर्य देव को समर्पित है। इस साल पौष मास 13 दिसंबर, शुक्रवार से शुरू हो रहा है, जो 10 जनवरी, शुक्रवार तक रहेगा। धार्मिक पुराणों में सूर्य को प्रधान देवता माना गया है। मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए हर महीने में सूर्य के एक विशिष्ट रूप की पूजा का विधान है। धार्मिक ग्रंथो के अनुसार पौष के महीने में भग नामक सूर्य की उपासना होती है। अथर्ववेद और सूर्योपनिषद में सूर्य देव को परब्रह्म माना गया है। शास्त्रों के अनुसार सूर्य देव का वर्ण रक्त के समान है।
आइए, आज जानते हैं कैसे करें पौष महीने के पहले रविवार में सूर्य देव की आराधना। - कैसे करें सूर्य देव की पूजा
- सूर्य को अर्घ्य दें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य को प्रतिदिन स्नान करने के बाद अर्घ्य देना चाहिए। प्रतिदिन सूर्य देव को जल अर्पित करने से भगवान सूर्य प्रसन्न होकर आयु, आरोग्य, धन, धान्य, पुत्र, मित्र, तेज, यश, विद्या, वैभव और सौभाग्य का वरदान देते हैं।
- आप संध्या के समय भी सूर्यनारायण भगवान को अर्घ्य दे सकते हैं।
- मंत्र जाप सूर्य देव के मंत्र का जाप करना भी बड़ा ही लाभकारी होता है
ॐ श्री सूर्य देवाय नमः - अगर व्रत रख सकते हैं तो इस महीने में रविवार के दिन व्रत रखना चाहिए और खाने में नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए। सिर्फ फलाहार ही करना चाहिए।
- रविवार के व्रत के दिन सूर्य को तिल-चावल की खिचड़ी का भोग लगाएं, ऐसा करने से व्यक्ति तेजस्वी बनता है।
पौष मास 2019: जानें सूर्य उपासना के आसान तरीकें
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Sat, 14 Dec 2019 02:29 PM IST
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