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Skanda shasthi 2021: इस दिन होती है शिव पुत्र भगवान कार्तिकेय की पूजा, जानिए महत्व, तिथि और पूजा विधि

Fri, 11 Jun 2021 05:30 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Fri, 11 Jun 2021 05:30 AM IST
सार

  • 16 जून 2021 दिन बुधवार को स्कंद षष्ठी का व्रत किया जाएगा।
  • इस दिन भगवान शिव और पार्वती जी के ज्येष्ठ पुत्र कुमार कार्तिकेय भगवान का पूजन किया जाता है।
  • इनकी पूजा से ग्रह बाधा से मुक्ति मिलती है।

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skanda sashti 2021 date timing shubh muhurat importance and vrat puja vidhi
स्कंद षष्ठी कार्तिकेय भगवान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : pinterest

हिंदी कैलेंडर के अनुसार, प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को स्कंद षष्ठी का व्रत किया जाता है। इस बार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की स्कंद षष्ठी 16 जून 2021दिन बुधवार को पड़ रही है। यह तिथि भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र कुमार कार्तिकेय भगवान को समर्पित की जाती है। इस दिन विधि-विधान के साथ भगवान कार्तिकेय की पूजा-अर्चना की जाती है। भगवान कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है, इसलिए इस तिथि को स्कंद षष्ठी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने और व्रत करने से व्यक्ति के जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं स्कंद षष्ठी व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और व्रत पूजा विधि।

 

skanda sashti 2021 date timing shubh muhurat importance and vrat puja vidhi
कार्तिकेय भगवान - फोटो : pinterest
स्कंद षष्ठी का महत्व-

स्कंद षष्ठी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय जी की पूजा करने से ग्रह बाधा से मुक्ति प्राप्त होती है, जिससे ग्रहों की अशुभता के कारण होने वाली सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। इस दिन विधिपूर्वक पूजन व व्रत करने से व्यक्ति को सुख और वैभव की प्राप्ति होती है। संतान के कष्ट दूर करने की कामना से भी यह व्रत किया जाता है। खासतौर पर दक्षिण भारत में इस तिथि को त्योहार की तरह मनाया जाता है। यहां पर भगवान कार्तिकेय को सुब्रह्मण्यम के नाम से जाना जाता है। इनका प्रिय फूल चंपा है इसलिए इस तिथि को चंपा षष्ठी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान कार्तिकेय ने तारकासुर का अंत किया था।

 

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(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
स्कंद षष्ठी शुभ मुहूर्त-

 

16 जून 2021 दिन बुधवार को स्कन्द षष्ठी का व्रत किया जाएगा।

 

ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि आरंभ- 15 जून 2021 दिन मंगलवार को रात्रि 10 बजकर 56 मिनट से

 

ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि समाप्त- 16 जून 2021 दिन बुधवार को रात्रि 10 बजकर 45 मिनट पर

 

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shiv parivar
स्कंद षष्ठी पूजा विधि-
  • स्कंद षष्ठी के दिन प्रातः जल्दी उठ जाएं और स्नानादि करने के पश्चात भगवान का ध्यान करते हुए सर्वप्रथम व्रत का संकल्प लें।

 

  • अब भगवान कार्तिकेय के साथ मां गौरी और शिव जी की प्रतिमा को स्थापित करें।

 

  • घी का दीपक प्रज्वलित कर मौसमी फल, फूल, मेवा, कलावा, अक्षत, हल्दी, चंदन, दूध, गाय का घी, इत्र आदि से पूजन करें।

 

  • अंत में आरती उतारें और क्षमा प्रार्थना करें और पूरे दिन व्रत करें।

 

  • संध्या के समय पुनः पूजा के बाद आरती करें और इसके पश्चात फलाहार करें।

 

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