फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Shardiya Navratri 2022: नवरात्रि में करें महिषासुर मर्दिनी स्त्रोत का पाठ, भय से मिलेगी मुक्ति, जानें महत्व

Tue, 13 Sep 2022 03:01 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Tue, 13 Sep 2022 03:01 PM IST
विज्ञापन
Shardiya Navratri 2022 Recite Mahishasura mardini Stotram Path Lyrics in Hindi
नवरात्रि में करें महिषासुर मर्दिनी स्त्रोत का पाठ - फोटो : अमर उजाला

Mahishasura mardini Stotram Path: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। पूरे साल में चार नवरात्रि पड़ती हैं। 2 नवरात्रि गुप्त नवरात्रि के नाम से जानी जाती है और 1 चैत्र और एक शारदीय नवरात्रि के नाम से जानी जाती है। इस वर्ष 26 सितंबर 2022 से शारदीय नवरात्रि आरंभ हो रही है। नवरात्रि में मा दुर्गा के नौ स्वरूप की आराधना की जाती है। आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि आरंभ होगी। और नवमी तिथि यानि  05 अक्टूबर 2022 तक मनाई जाएगी। नवरात्रि के दौरान भक्त मां दुर्गा की पूजा आराधना करते हैं और पूरी श्रद्धा से व्रत रखते हैं। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के पर्व पर मां दुर्गा 9 दिनों के लिए पृथ्वी पर आती हैं और अपने भक्तों के ऊपर कृपा बरसाती हैं। शारदीय नवरात्रि में महिषासुर मर्दिनी का पाठ अवश्य करना चाहिए। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां भगवती के इस स्तोत्र का पाठ करने से जातक के जीवन में आ रही परेशानियां दूर होती हैं। शास्त्रों के अनुसार जो भी व्यक्ति दिन में एक बार भी मां महिषासुरमर्दिनी स्रोत का पाठ कर लेता है, उसके जीवन में कभी कोई समस्या नहीं आती। आइए जानते हैं शारदीय नवरात्रि की तिथि और महिषासुर मर्दिनी स्त्रोत के महत्व के बारे में।  

Shardiya Navratri 2022 Recite Mahishasura mardini Stotram Path Lyrics in Hindi
नवरात्रि में करें महिषासुर मर्दिनी स्त्रोत का पाठ - फोटो : amar ujala

आश्विन नवरात्रि तिथि 
प्रतिपदा तिथि आरंभ: 26 सितंबर 2022,सोमवार प्रातः 03: 23 मिनट पर 
प्रतिपदा तिथि  समाप्त: 27 सितंबर 2022, मंगलवार, प्रातः 03:38 मिनट पर 

Shardiya Navratri 2022 Recite Mahishasura mardini Stotram Path Lyrics in Hindi
नवरात्रि में करें महिषासुर मर्दिनी स्त्रोत का पाठ - फोटो : amar ujala

कलश स्थापना मुहूर्त 
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त: 26 सितंबर 2022, सोमवार, प्रातः 06:11 मिनट से लेकर 07: 51 मिनट तक 
अभिजीत मुहूर्त: 26 सितंबर 2022, सोमवार, दोपहर 12: 06 मिनट से 12: 54 मिनट तक 

विज्ञापन
विज्ञापन
Shardiya Navratri 2022 Recite Mahishasura mardini Stotram Path Lyrics in Hindi
नवरात्रि में करें महिषासुर मर्दिनी स्त्रोत का पाठ - फोटो : प्रयागराज

महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का महत्व
महिषासुरमर्दिनी  स्तोत्रम का जाप करने से, आनंद, सुरक्षा और देवी महिषासुर मर्दिनी की कृपा प्राप्त होती है। मां महिषासुरमर्दिनी अपने भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती है और मोक्ष प्राप्त करने के लिए जीवन भर उनका साथ देती हैं। परंपरागत रूप से, यह स्तोत्र शक्ति के गुणों को याद करने और लोकों की रक्षा करने के कार्यों पर उनकी महानता का पाठ और प्रशंसा करने के लिए है। यह स्रोत एक प्रार्थना के रूप में है।महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र का जाप करने से, भक्त देवी दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

विज्ञापन
Shardiya Navratri 2022 Recite Mahishasura mardini Stotram Path Lyrics in Hindi
नवरात्रि में करें महिषासुर मर्दिनी स्त्रोत का पाठ - फोटो : gettyimages
मां महिषासुरमर्दिनी स्रोत के पाठ की विधि
  • प्रातः काल स्नान कर स्वच्छ, कपड़े पहन कर एक आसन बिछाएं और उस पर बैठें। 
  • इसके बाद देवी मां की तस्वीर पर पुष्प, माला आदि अर्पित करें। 
  • इसके बाद धूप, दीप आदि से पूजा करें। 
  • इसके बाद माता को भोग लगाएं। 
  • अब एकाग्र मन से महिषासुरमर्दिनी स्रोत का पाठ करें। 
  • पाठ के बाद मां के चरणों में प्रणाम करत्व हुए उनसे समस्त कष्टों को दूर करने की प्रार्थना करें। 

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed