शारदीय नवरात्रि पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का त्योहार है। नवरात्रि के इन नौ दिनों मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। नौ दिनों तक व्रत रखे जाते हैं। पहले दिन जहां कलश स्थापना का विधान है तो आखिरी दिन कन्या पूजन किया जाता है। कहीं पर दुर्गा विसर्जन कर नवरात्रि का समापन किया जाता है। आइए जानते हैं मां दुर्गा के नौ रूप और उनकी उपासना का महत्व -
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Shardiya Navratri 2020: ये हैं मां दुर्गा के 9 रूप, जानें सभी रुपों की उपासना का महत्व
Thu, 15 Oct 2020 02:12 PM IST
रुस्तम राणा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Thu, 15 Oct 2020 02:12 PM IST
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शारदीय नवरात्रि 2020
- फोटो : Rohit Jha
नवरात्रि के पहले दिन की जाती है मां शैलपुत्री की पूजा
- फोटो : self
पहला दिन- मां शैलपुत्री
- नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री स्वरूप की पूजा होती है। शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री है। इनकी उपासना करने पर सुख और सिद्धि की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि के दूसरे दिन माता भगवती के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा होती है।
- फोटो : SELF
दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी
- नवरात्रि के दूसरे दिन माता भगवती के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि इन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठिन तप किया था। इनकी उपासना से यश और सिद्धि की प्राप्ति होती है।
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नवरात्रि का तीसरा दिन माता चंद्रघंटा के नाम होता है।
- फोटो : SELF
तीसरा दिन- मां चंद्रघंटा
- तीसरा दिन माता चंद्रघंटा के नाम होता है। शेर पर सवार मां चंद्रघंटा की उपासना करने पर परेशानियों और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है।
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मां दूर्गा का चौथा स्वरूप मां कूष्माण्डा है।
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चौथा दिन- मां कूष्माण्डा
- मां दूर्गा का चौथा स्वरूप मां कूष्माण्डा है। इनकी उपासना से आयु और यश में बढोत्तरी होती है।