Shani Pradosh Vrat Upay: सनातन परंपरा में प्रदोष व्रत को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। यह व्रत हर महीने दो बार, कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दिन प्रदोष काल में शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से महादेव प्रसन्न होते हैं और साधक की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
जिस वार को त्रयोदशी तिथि पड़ती है, उसी के अनुसार प्रदोष व्रत का नाम रखा जाता है। इस बार यह व्रत शनिवार को पड़ रहा है, तो इसे शनि प्रदोष कहा जाएगा। इसे शनि त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। 14 फरवरी को वर्ष का पहला शनि प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ शनि देव की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस अवसर पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत पाने के लिए कुछ उपाय किए जाते हैं। आइए इन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Pradosh Vrat: क्या प्रदोष और महाशिवरात्रि का व्रत एक ही दिन रखा जाएगा? जानें सही तिथियां और पूजा मुहूर्त
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शनि प्रदोष पर किए जाने वाले विशेष उपाय
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शनि प्रदोष पर किए जाने वाले विशेष उपाय
शनि देव का संबंध काले और गहरे नीले रंग से जोड़ा गया है। इसलिए शनि प्रदोष के दिन इन रंगों से जुड़ी वस्तुओं का दान या अर्पण शुभ माना जाता है। इस दिन शनि देव को उड़द की दाल और लोहे से बनी वस्तु, जैसे कील, अर्पित करना लाभकारी बताया गया है। माना जाता है कि ऐसा करने से साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में कमी आती है।
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शनि देव के बीज मंत्र का जाप
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शनि देव के बीज मंत्र का जाप
शनि देव के बीज मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जप भी अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। कम से कम 30 माला जप करने का विधान बताया गया है। नियमित जप से मानसिक शांति मिलती है और जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।
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नकारात्मक ऊर्जा दूर करने का उपाय
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नकारात्मक ऊर्जा दूर करने का उपाय
एक अन्य उपाय है लोहे के पात्र में सरसों का तेल भरकर उसमें लाल पुष्प रखें और उसे घर के मध्य स्थान, जिसे ब्रह्म स्थान कहा जाता है, वहां स्थापित करें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सकारात्मक वातावरण बनता है।
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पीपल के वृक्ष का उपाय
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पीपल के वृक्ष का उपाय
शनि प्रदोष के दिन पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करना और संध्या समय दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त शनिवार को हनुमान जी की पूजा-आराधना करने से शनि दोष शांत होता है और कष्टों से राहत मिलती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।