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यू हीं नहीं मनाते हैं मुर्हरम, ये हैं 7 बड़े कारण

Fri, 23 Oct 2015 05:19 PM IST
नय्यर हसीन
नय्यर हसीन Updated Fri, 23 Oct 2015 05:19 PM IST
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यू हीं नहीं मनाते हैं मुर्हरम, ये हैं 7 बड़े कारण

seven facts of muharram

मोहर्रम को यूं तो शहादत का द‌िन माना जाता है लेक‌िन असल में यह स‌िर्फ शहादत का द‌िन नहीं है। इस्लाम‌िक कैलेंडर के अनुसार इस द‌िन और भी कई बड़ी घटनाएं हुई थी।

यू हीं नहीं मनाते हैं मुर्हरम, ये हैं 7 बड़े कारण

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मोहर्रम की पहली तारीख से नया इस्लामी साल शुरू होता है। मुहर्रम की 10 तारीख को यौमे आशूरा कहा जाता है। इसका इस्लामी इतिहास में बड़ा महत्व है।

यू हीं नहीं मनाते हैं मुर्हरम, ये हैं 7 बड़े कारण

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मोहर्रम की दस तारीख को ही नूह अलैयहिस्सलाम की किश्ती भंयकर तूफान में घिरने के बाद जूदी पहाड़ पर ठहरी थी।

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यू हीं नहीं मनाते हैं मुर्हरम, ये हैं 7 बड़े कारण

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हिजरी कैलेंडर के पहले महीने मोहर्रम की दस तारीख को इस्लाम का संदेश देने आए ईशदूत आदम अलैयहिस्सलाम की तौबा यौमे आशूरा को कुबूल हुई थी।

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यौमे आशूरा को ही मूसा अलैयहिस्सलाम को फिरऔन के जुल्म से निजात मिली थी।

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