फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सावन विशेष: यहां श्राप से मुक्त हुए थे चंद्रदेव, ये है देश का पहला ज्योतिर्लिंग

Mon, 10 Jul 2017 11:49 AM IST
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला
amarujala.com- presented by: विनोद शुक्ला Updated Mon, 10 Jul 2017 11:49 AM IST
विज्ञापन
sawan special 2017: somnath temple always on target of foreigners

आज सावन का पहला सोमवार है यह पूरा माह भोलेनाथ को विशेष रुप से पंसद होता है। आज हम आपको एक ऐसे ज्योतिर्लिंग के बारे में बताने में जा रहे हैं, जिसका निर्माण चंद्रदेव ने एक शाप से मुक्त होने पर करवाया था।

sawan special 2017: somnath temple always on target of foreigners

भारत में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित है उनमें से सोमनाथ को पहला ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित इस मंदिर का निर्माण स्वंय चन्द्रदेव ने करवाया था।

 

sawan special 2017: somnath temple always on target of foreigners

पौराणिक कथा के अनुसार सोम यानि चंद्रदेव ने दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं से विवाह किया था, लेकिन उनमें से रोहिणी नाम की अपनी पत्नी से वह अधिक प्रेम और सम्मान करते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
sawan special 2017: somnath temple always on target of foreigners

जब बाकी 26 पत्नियों ने इसकी शिकायत अपने पिता राजा दक्ष प्रजापति से की। तब इस अन्याय को देखकर गुस्से में आकर दक्ष ने चंद्रदेव को शाप दे दिया कि अब से हर दिन तुम्हारा तेज क्षीण होता रहेगा।

विज्ञापन
sawan special 2017: somnath temple always on target of foreigners
lord shiva symbol image

इस श्राप के चलते हर दूसरे दिन चंद्र का तेज घटने लगा। इससे परेशान और दुखी सोम मे भगवान शिव की आराधना शुरू कर दी। तब शिवजी प्रसन्न होकर चंद्र को श्राप से मुक्ति किया फिर यही पर सोमदेव ने भगवान शिव की स्थापना की। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed