सभी देवी देवताओं की पूजा में फूल अवश्य अर्पित किए जाते हैं। शिव जी की पूजा में भी फूल और पत्ती का विशेष महत्व है। केवड़ा और केतकी के फूल शिव जी की पूजा में वर्जित माने गए हैं। शिव जी को बिल्व पत्र और धतूरे का फूल प्रिय होता है, पूजा में इन्हें अर्पित करने से पूजा संपूर्ण मानी जाती है। यह तो सभी जानते हैं लेकिन कई और फूल भी शिव जी को प्रिय हैं। सभी की अलग-अलग कामनाएं होती है, बेला, जुही, कनेर और हरसिंगार, चमेली, कमल आदि फूलों को अर्पित करने से शिव जी आपकी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
Sawan 2020: अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए शिव जी को चढ़ाए ये फूल
शिव पुराण में शिव जी के शिव सहस्त्रनाम या शिव अष्टोत्तरशतनाम नामों का स्मरण करते हुए एक-एक पुष्प या बिल्व पत्र शिव जी को अर्पित किए जाते हैं, शिवपुराण के अनुसार किसी विशेष कामना को पूर्ण करने के लिए एक लाख पुष्पों से शिव जी की पूजा करने का प्रावधान है लेकिन आज के समय में इतने पुष्पों से पूजा करना मुश्किल है इसलिए 1008 या 108 पुष्प भी पूजा में अर्पित कर सकते हैं आइए जानते हैं किस मनोकामना के लिए शिव जी को कौन सा फूल चढ़ाना चाहिए।
- अगर आप सुंदर और सुशील पत्नी की कामना करते हैं तो भगवान शिव को बेला के फूल अर्पित करने चाहिए। विवाह में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं।
- शिव जी की पूजा में चमेली का फूल चढ़ाने से वाहन सुख की प्राप्ति होती है।
- अगर शिव जी को जूही के फूल अर्पित किए जाएं तो घर में अन्न की कमी नहीं रहती है।
- अगर आपके मन में उत्तम पुत्र की कामना है जो आपके कुल का नाम रोशन करें तो शिव जी को धतूरे का फूल अर्पित करना चाहिए।
- धन-संपत्ति की कामना करने वालों को हरसिंगार,कमल, शंखपुष्प,आदि के फूलों से शिव जी की पूजा करनी चाहिए। हरसिंगार के फूल चढ़ाने से जीवन सुख आता है।
- लाल और सफेद आंकड़े के फूल अर्पित करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। मोक्ष प्राप्ति की कामना के लिए शमी के पत्तों से भी शिव जी की पूजा करना चाहिए। लाल डंठल वाल धतूरे का फूल भी शिव जी को प्रिय है।
- लंबी उम्र की कामना करने वालों को दूर्वा से शिव जी का पूजन करना चाहिए।
शिव जी को फूल चढ़ाते या कुछ भी अर्पित करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
भगवान शिव को अर्पित किए जाने वाले पुष्प किसी और के बगीचे से बिना पूछे न तोड़े गए हो। क्योंकि चोरी के पुष्प या बिना किसी की आज्ञा के उसके बगीचे से तोड़े गए पुष्प पूजा में मान्य नहीं होते हैं। पूजा के लिए अपने पैसों से पुष्प खरीदने चाहिए। शिव जी की पूजा करते समय कोई भी मनोकामना मांगते समय मन में पूर्ण श्रद्धा रखनी चाहिए। कोई भी दुर्भावना मन में रखकर कामना करने से मनोकामना पूर्ण नहीं होती है।