फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Sarva pitru moksha amavasya: श्राद्ध पक्ष का आखिरी दिन आज, भूल गए हैं श्राद्ध तर्पण तो जरूर करें

Sat, 28 Sep 2019 08:47 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 28 Sep 2019 08:47 AM IST
विज्ञापन
sarvapitri amavasya 2019 best day to do shradh
shradh - फोटो : अमर उजाला

श्राद्ध की सभी तिथियों में अमावस्या को पड़ने वाली श्राद्ध तिथि का विशेष महत्व होता है। आश्विन माह की कृष्ण अमावस्या को सर्वपितृ श्राद्ध अमावस्या कहते हैं। यह दिन पितृपक्ष का आखिरी दिन होता है। अगर आपने पितृपक्ष में अभी तक श्राद्ध नहीं किया है तो सर्वपितृ श्राद्ध अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण कर लें। इस दिन किया गया श्राद्ध पितृदोषों से मुक्ति दिलाता है। इस बार यह 28 सितंबर शनिवार को है। 

sarvapitri amavasya 2019 best day to do shradh
shradh - फोटो : अमर उजाला

शास्त्र कहते हैं कि "पुन्नामनरकात् त्रायते इति पुत्रः" जो नरक से त्राण ( रक्षा ) करता है वही पुत्र है। श्राद्ध कर्म के द्वारा ही पुत्र पितृ ऋण से मुक्त हो सकता है, इसीलिए शास्त्रों में श्राद्ध करने कि अनिवार्यता कही गई है। जीव मोहवश इस जीवन में पाप-पुण्य दोनों कृत्य करता है,  पुण्य का फल स्वर्ग है और पाप का नर्क। नरक में पापी को घोर यातनाएं भोगनी पड़ती हैं और स्वर्ग में जीव आनंद से रहता है।


 
sarvapitri amavasya 2019 best day to do shradh
shradh - फोटो : अमर उजाला

स्वर्ग-नरक का सुख भोगने के पश्च्यात जीवात्मा पुनः चौरासी लाख योनियों की यात्रा पर निकल पड़ती है अतः पुत्र-पौत्रादि का यह कर्तव्य होता है कि वे अपने माता-पिता तथा पूर्वजों के निमित्त श्रद्धापूर्वक ऐसे शास्त्रोक्त कर्म करें जिससे उन मृत प्राणियों को परलोक अथवा अन्य लोक में भी सुख प्राप्त हो सके।

शास्त्रों में मृत्यु के बाद और्ध्वदैहिक संस्कार, पिण्डदान, तर्पण, श्राद्ध, एकादशाह, सपिण्डीकरण, अशौचादि निर्णय, कर्म विपाक आदि के द्वारा पापों के विधान का प्रायश्चित कहा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
sarvapitri amavasya 2019 best day to do shradh
आज से आरंभ हुए पितृ पक्ष - फोटो : अमर उजाला

श्राद्ध कैसे करें
श्राद्ध करने की सरल विधि है कि जिस दिन आपके घर श्राद्ध तिथि हो उस दिन सूर्योदय से लेकर 12 बजकर 25 मिनट की अवधि के मध्य ही श्राद्ध करें। प्रयास करें कि इसके पहले ही ब्राह्मण से तर्पण आदि करा लें। श्राद्ध करने में दूध, गंगाजल, मधु, वस्त्र, कुश, अभिजित मुहूर्त और तिल मुख्य रूप से अनिवार्य है। तुलसीदल से पिंडदान करने से पितर पूर्ण तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं।

विज्ञापन
sarvapitri amavasya 2019 best day to do shradh
shradh

निमंत्रित ब्राह्मण के पैर धोना चाहिए। इस कार्य के समय पत्नी को दाहिनी तरफ होना चाहिए। जिसदिन आपको पितरों का श्राद्ध करना हो श्राद्ध तिथि के दिन तेल लगाने, दूसरे का अन्न खाने, और स्त्रीप्रसंग से परहेज करें। श्राद्ध में राजमा, मसूर, अरहर, गाजर, कुम्हड़ा, गोल लौकी, बैगन, शलजम, हींग, प्याज-लहसुन, काला नमक, काला जीरा, सिंघाड़ा, जामुन, पिप्पली, कैंथ, महुआ, और चना ये सब वस्तुएं श्राद्ध में वर्जित है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed