फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pitru Amavasya 2022: आज सर्वपितृ अमावस्या,जानिए महत्व,पूजा का विधान,पितृ मंत्र और मुहूर्त

Sun, 25 Sep 2022 10:27 AM IST
विनोद शुक्ला अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 25 Sep 2022 10:27 AM IST
विज्ञापन
Sarva Pitru Amavasya 2022 On 25 September Importance Puja Vidhi of Ancestors
Sarva Pitru Amavasya 2022 : सर्वपितृ अमावस्या तिथि 25 सितंबर को सुबह 3 बजकर 10 से मिनट से शुरू होगी और अमावस्या तिथि 26 सितंबर को सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी।

Sarva Pitru Amavasya 2022 : आज यानी 25 सितंबर, रविवार को सर्व पितृ अमावस्या है। हिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष के आखिरी दिन सर्व पितृ अमावस्या मनाई जाती है। यह पितृपक्ष का आखिरी दिन होता है। सर्वपितृपक्ष अमावस्या जिसे विसर्जनी या महालया अमावस्या भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि 16 दिन से धरती पर आए हुए पितर इस अमावस्या के दिन अपने पितृलोक में पुनः चले जाते हैं। इस दिन पितरों के निमित्त ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है एवं दान-दक्षिणा के साथ उन्हें संतुष्ट कर विदा किया जाता है।



Navratri Ghatasthapana Muhurat 2022: शारदीय नवरात्रि के पहले दिन बना शुभ संयोग, जानें कलश स्थापना का मुहूर्त

Navratri 2022: शारदीय नवरात्रि पर घर पर कैसे करें पूजा? जानिए पूजा विधि, तिथि, मुहूर्त और पूजा सामग्री

Sarva Pitru Amavasya 2022 On 25 September Importance Puja Vidhi of Ancestors
pitru

अमावस्या श्राद्ध का महत्व
इस दिन आप उन सभी पितरों के नाम से भी श्राद्ध कर सकते हैं जिनके श्राद्ध की तिथि आप भूल गए हों या फिर किसी कारण आप उनका श्राद्ध नहीं कर पाएं हैं। इस दिन श्राद्ध करने से पितृगण प्रसन्न होकर अपने परिवार को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्राद्ध करने से भोजन पितरों को स्वथा रूप में मिलता है यानि पितरों को अर्पित किया गया भोजन उस रूप में परिवर्तित हो जाता है, जिस रूप में उनका जन्म हुआ होता है। अगर मनुष्य योनि में हो तो अन्न रूप में उन्हें भोजन मिलता है, पशु योनि में घास के रूप में, नाग योनि में वायु रूप में और यक्ष योनि में पान के रूप में भोजन पहुंचाया जाता है। इस दिन ब्राह्राण को भोजन कराने से पहले दक्षिण की ओर मुख करके पंचबलि गाय, कुत्ते, कौए, देवतादि और चींटी के लिए भोजन सामग्री पत्ते पर निकालें।

Sarva Pitru Amavasya 2022 On 25 September Importance Puja Vidhi of Ancestors
pitru

अमावस्या के दिन ऐसे करें श्राद्ध
इस दिन सुबह उठकर स्नान आदि करके सफेद रंग के धुले वस्त्र पहनकर पितरों के नाम से तर्पण करना चाहिए। पूजा के समय अपना मुख दक्षिण दिशा की तरफ करके बैठे इसके बाद तांबे के लोटे में गंगाजल भरकर इसमें काले तिल, कच्चा दूध और कुश डाल लें। इस जल से पितरों का तर्पण करते हुए पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें। ब्राह्मणों को भी भोजन कराएं और उन्हें सफेद वस्त्र पर श्रद्धानुसार दक्षिणा रखकर दान करें और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। मान्यता है कि इस दिन दीप दान करने से घर में सुख शांति बनी रहती है और घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती।

विज्ञापन
विज्ञापन
Sarva Pitru Amavasya 2022 On 25 September Importance Puja Vidhi of Ancestors
pitru
पितृ मंत्र-
ॐ पितृ दैवतायै नमः-
108 बार इस मंत्र का जप करने से पितर प्रसन्न होते हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
विज्ञापन
Sarva Pitru Amavasya 2022 On 25 September Importance Puja Vidhi of Ancestors
पितृपक्ष - फोटो : SOCIAL MEDIA
सर्वपितृ अमावस्या मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार सर्वपितृ अमावस्या तिथि 25 सितंबर को सुबह 3 बजकर 10 से मिनट से शुरू होगी और अमावस्या तिथि 26 सितंबर को सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी। इसलिए सर्वपितृ अमावस्या 25 सितंबर को मनाई जाएगी।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed