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Santan Saptami: बच्चों की सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है संतान सप्तमी व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Fri, 02 Sep 2022 06:58 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आशिकी पटेल Updated Fri, 02 Sep 2022 06:58 PM IST
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Santan Saptami Vrat 2022 Date shubh muhurat puja vidhi and importance in hindi
बच्चों की सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है संतान सप्तमी व्रत - फोटो : istock

Santan Saptami 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह में शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथि पर संतान सप्तमी का व्रत रखा जाता है। इस साल संतान सप्तमी व्रत 3 सितंबर 2022, शनिवार को रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, संतान प्राप्ति, संतान की लंबी आयु, खुशहाली, समृद्धि और अच्छी सेहत की मनोकामना के साथ संतान सप्तमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन शिव जी और माता पार्वती की विशेष रूप से पूजा आराधना की जाती है। ये व्रत पुरुष और महिला दोनों रख सकते हैं। आइए जानते हैं संतान सप्तमी व्रत की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि...



संतान सप्तमी 2022 तिथि
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 2 सितंबर 2022 को दोपहर 1 बजकर 51 मिनट पर शुरू होकर 3 सितंबर 2022 को दोपहर 12 बजकर 28 मिनट पर समाप्त हो रही है। हिंदू धर्म में कोई भी व्रत उदया तिथि के अनुसार रखा जाता है। ऐसे में इस साल संतान सप्तमी का व्रत 3 सितंबर को रखा जाएगा।

Santan Saptami Vrat 2022 Date shubh muhurat puja vidhi and importance in hindi
बच्चों की सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है संतान सप्तमी व्रत - फोटो : iStock

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
3 सितंबर को पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 11 बजकर 55 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। वहीं प्रातः काल में पूजन के लिए सुबह 7 बजकर 35 मिनट से लेकर 9 बजकर 10 मिनट तक का मुहूर्त बेहद शुभ है।

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बच्चों की सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है संतान सप्तमी व्रत - फोटो : pinterest

संतान सप्तमी व्रत और पूजा विधि
संतान सप्तमी व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ सुथरे कपड़े पहनें। फिर पूजा स्थल पर पहले गंगाजल से छिड़काव करें उसके बाद पूजा का संकल्प लें। पूजा घर पर भगवान शिव और माता पार्वती की फोटो सामने रखें और आराधना करें। इसके बाद धूप और आरती के साथ बेलपत्र और पूजा का प्रसाद चढ़ाएं। प्रसाद में खीर-पूरी और मीठे पूए का भोग लगाएं। शिव जी और माता पार्वती की प्रतिमा के सामने नारियल के साथ कलश की स्थापना करें।

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बच्चों की सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है संतान सप्तमी व्रत - फोटो : iStock

फिर पूजा की थाली में सभी पूजा सामग्रियां रखें, जिसमें मुख्य रूप से फूल, फल, हल्दी, कुंकुम, चावल, कपूर, कलावा आदि हो। संतान सप्तमी व्रत में माता और पिता दोनों का ही पूजा में शामिल होना आवश्यक होता है। पूजा के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारें और हाथों में कलावा बांधे। इसके बाद संतान की सुख और समृद्धि के लिए मन में आशीर्वाद मांगे।  

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बच्चों की सुख समृद्धि के लिए रखा जाता है संतान सप्तमी व्रत - फोटो : iStock

संतान सप्तमी व्रत का महत्व
हिंदू धर्म में संतान सप्तमी का व्रत संतान प्राप्ति की कामना और संतान के अच्छे स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। मान्यता है कि जो लोग संतान सुख से वंचित हैं उन्हें संतान सप्तमी व्रत करने से लाभ मिलता है।

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