पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद संत समाज में शोक की लहर है। धर्म और अध्यात्म जगत से जुड़े वरिष्ठ संतों और नामी गिरामी शख्सियतों ने उनसे जुड़ी तमाम यादों को बयां करते हुए कुछ इस तरह दी श्रद्धांजलि —
शंकराचार्य समेत अध्यात्मिक जगत से जुड़े संतों ने अटल को कुछ इस तरह दी श्रद्धांजलि
जब मैं शंकराचार्य नहीं था और श्री वाजपेयी जी प्रधानमंत्री नहीं थे, तब उन्होंने श्री वृंदावन धाम में पंचदर्शी नामक वेदांत धर्मग्रंथ पर सार्वजनिक सभा में 30 मिनट तक मेरा प्रवचन प्रसन्नचित होकर सुना था। जब मैं मान्य शंकराचार्य के पद पर प्रतिष्ठित हुआ और वे कालांतर में मान्य प्रधानमंत्री के पद पर प्रतिष्ठित हुए तब उन्होंने श्री शत्रुघ्न सिन्हा को श्री राम जन्मभूमि संदर्भ में मेरा दृष्टिकोण समझने के लिए प्रतिनिधि बनाकर भेजा। कालांतर में उन्होंने श्री रामभद्राचार्य जी को मुझ तक एक संदेश पहुंचाने के लिए भी भेजा। उनके देह त्याग के पश्चात् सत्ता लोलुपता और अदूरदर्शिता के चपेट से भारत की राजनीतिक को विमुक्त करने का व्रत और उसका अनुपालन उनके प्रति स्वस्थ श्रद्धांजलि है। नारायण...
- जगतगुरु शङ्कराचार्य स्वामी निश्चलानंद जी महाराज, गोवर्धनमठ पुरीपीठ
एक महान सांसद और भारतमाता की और भारत के प्रजातंत्र की सेवा में अपने जीवन को खपानेवाले ‘भारतरत्न’ की विदाई। एक कवि, एक अद्भुत वक़्ता और करिश्माई व्यक्तित्व के धनी अटल जी को भूला न पायेंगे।
- रमेश भाई ओझा, आध्यात्मिक गुरु
भारतीय राजनीति के सजग शिखर पुरूष अजातशत्रु,आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी के स्वर्गारोहण के समाचार जानकर स्तब्ध हूँ | विनम्र श्रद्धांजलि !
-आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा
विराट विश्व मानव अटल जी अटल थे, अजेय थे, मौन थे पर गेय थे एक ऐसा अजातशत्रु जिसने सब के साथ सेतु बनाये और आज अटल जी अचल की यात्रा पर सदा सदा के लिये निकल पडे। उदारमना भारतरत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी जो कि भारतीय संस्कृति के जीते जागते उदाहरण थे उनको भावांजलि श्रद्धांजलि।
- स्वामी चिदानंद मुनि जी महाराज, परमार्थ आश्रम, ऋषिकेश