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Navratri Vrat Parana 2021: व्रत पारण से होगा चैत्र नवरात्रि का समापन, जानें मुहूर्त और विधि

Wed, 21 Apr 2021 06:32 PM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Wed, 21 Apr 2021 06:32 PM IST
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Navratri Vrat Parana 2021 muhurat timing and puja vidhi
चैत्र नवरात्रि 2020: व्रत पारण मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला

जिस प्रकार से चैत्र नवरात्रि व्रत का आरंभ घटस्थापना के साथ किया जाता है तो वहीं समापन व्रत पारण के साथ किया जाता है। चैत्र नवरात्रि व्रत 13 अप्रैल चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा तिथि से शुरू हुए थे और व्रत पारण 22 अप्रैल को हवन और कन्या पूजन के साथ किया जाएगा। मान्यता है कि व्रती को नवरात्रि व्रत का फल तब तक नहीं मिलता है जब तक वह व्रत का पारण विधि-विधान से न कर ले। तो आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि व्रत का पारण मुहूर्त और विधि। 

Navratri Vrat Parana 2021 muhurat timing and puja vidhi
चैत्र नवरात्रि 2020: व्रत पारण मुहूर्त - फोटो : सोशल मीडिया

चैत्र नवरात्रि पारण की तिथि और शुभ मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि पारण तिथि: 22 अप्रैल गुरुवार
नवमी तिथि प्रारंभ: 21 अप्रैल बुधवार, प्रात: 12 बजकर 43 मिनट से
नवमी तिथि समापन: 22 अप्रैल गुरुवार, प्रात: 12 बजकर 35 मिनट तक

Navratri Vrat Parana 2021 muhurat timing and puja vidhi
चैत्र नवरात्रि 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
नवरात्रि व्रत का पारण
यूं तो अष्टमी के दिन भी कन्या पूजन कर व्रत खोल लिया जाता है। परंतु धार्मिक मान्यता यह भी है कि चैत्र नवरात्रि व्रत पारण नवमी तिथि के समाप्त होने के बाद और दशमी तिथि प्रारंभ होने पर किया जाता है। निर्णय सिंधु ग्रंथ के मुताबिक चैत्र नवरात्रि का पारण नवमी तिथि समाप्त होने पर किया जाना चाहिए। 
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चैत्र नवरात्रि 2021: कन्या पूजन विधि - फोटो : amar ujala
इस विधि से करें कन्या पूजन
  • सभी नौ कन्याओं और एक कंजक के पैर स्वच्छ जल से धोकर उन्हें आसन पर बिठाएं।
  • सभी कन्याओं का रोली या कुमकुम और अक्षत से तिलक करें।
  • इसके बाद गाय के उपले को जलाकर उसकी अंगार पर लौंग, कर्पूर और घी डालकर अग्नि प्रज्वलित करें।
  • इसके बाद कन्याओं के लिए बनाए गए भोजन में से थोड़ा सा भोजन पूजा स्थान पर अर्पित करें।
  • अब सभी कन्याओं और कंजक के लिए भोजन परोसे। 
  • उन्हें प्रसाद के रूप में फल, सामर्थ्यानुसार दक्षिणा अथवा उनके उपयोग की वस्तुएं प्रदान करें।
  • सभी कन्याओं के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर उन्हें सम्मान पूर्वक विदा करें।
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चैत्र नवरात्रि 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
कन्या पूजन का महत्व
नवरात्रि में नौ कन्याओं को पूरे आदर सत्कार के साथ भोज कराया जाता है। इन नौ कन्याओं को देवी दुर्गा के नौ स्वरुपों का प्रतीक माना जाता है। कन्याओं के साथ एक बालक को भी भोजन करवाना आवश्यक होता है क्योंकि उन्हें बटुक भैरव का प्रतीक माना जाता है। क्योंकि मां के साथ भैरव की पूजा आवश्यक मानी गई है। नवरात्रि पर कन्या पूजन करने से मां प्रसन्न होती हैं। और अपने भक्तों की हर इच्छा को पूर्ण करती हैं। शास्त्रों के अनुसार कन्या पूजन करने से सुख-शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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