Meen Sankranti 2022 : सनातन धर्म में मीन संक्रांति का विशेष महत्व है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर माह एक संक्रांति तिथि पड़ती है। यानी पूरे साल में 12 महीनों की तरह 12 संक्रांति होती है। मीन संक्रांति भी उन्हीं में से एक है। हर माह में सूर्य के राशि परिवर्तन के साथ ही एक नई संक्रान्ति शुरू होती है। जब सूर्यदेव राशियों को बदलते हुए मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मीन संक्रान्ति के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में मीन संक्रान्ति को बहुत ज्यादा शुभ माना गया है। साथ ही इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। हिंदी कैलेंडर के मुताबिक मीन संक्रान्ति फाल्गुन माह में पड़ती है, इसलिए इसे साल की आखिरी संक्रान्ति के रूप में मनाया जाता हैं। इस बार मीन संक्रान्ति 15 मार्च को पड़ रही है। तो चलिए आज जानते हैं मीन संक्रान्ति का धार्मिक महत्व और अन्य जानकारियां...
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Meen Sankranti 2022 : इस दिन पड़ रही है मीन संक्रांति, जानें शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
Sun, 06 Mar 2022 06:05 PM IST
आशिकी पटेल
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
Published by: आशिकी पटेल
Updated Sun, 06 Mar 2022 06:05 PM IST
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मीन संक्रांति का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
- फोटो : iStock
मीन संक्रांति का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
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मीन संक्रान्ति का धार्मिक महत्व
- मान्यताओं के अनुसार मीन संक्रान्ति बहुत खास होती है। मीन संक्रान्ति से ही सूर्यदेव की गति उत्तरायण की तरफ बढ़ने लगती है। उत्तरायण के साथ दिन बड़ा और रात छोटी होने लगती है। कहा जाता है कि मीन संक्रान्ति पर पवित्र नदियों में स्नान करने से नकारात्मकता दूर होती है और पाप कटते हैं। साथ ही सुख समृद्धि आती है।
मीन संक्रांति का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
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- मीन संक्रांति का शास्त्रों में खास महत्व बताया गया है। इस दिन को सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही पवित्र और शुभ नहीं माना जाता है, बल्कि व्यवहारिक रूप से भी उत्तम माना जाता है। मीन संक्रान्ति से उत्तरायण शुरू हो जाता है, जिसे देवताओं का समय कहा गया है। माना जाता है कि इस समय देवता काफी सशक्त हो जाते हैं। कहा जाता है कि इस समय रातें छोटी होने के कारण नकारात्मक शक्तियों में भी कमी आ जाती है और दिन में ऊर्जा प्राप्त होती है।
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मीन संक्रांति का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
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कब है मीन संक्रान्ति?
- 14 मार्च की रात सूर्यदेव 12 बजकर 30 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही मीन संक्रान्ति की शुरुआत हो जाएगी। मीन संक्रांति का महापुण्यकाल सुबह 6 बजकर 31 मिनट से सुबह 08 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। वहीं पुण्यकाल सुबह 8 बजकर 31 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।
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मीन संक्रांति का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
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इस दिन की जाती है सूर्य की उपासना
- मान्यता है कि इस दिन सूर्य की उपासना की जाती है। ऐसा करने से नकारात्मकाता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। साथ ही इस दिन तिल, वस्त्र और अनाज का दान करना शुभ माना जाता है।