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मीन संक्रांति 2021: इस दिन है हिंदू वर्ष की आखिरी संक्रांति, जानिए तिथि, महत्व, पुण्यकाल और पूजा विधि

Mon, 01 Mar 2021 11:38 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Mon, 01 Mar 2021 11:38 AM IST
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Meen sankranti 2021 date punya kal time importance and puja vidhi in Hindi
मीन संक्रांति 2021

हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर माह एक संक्रांति तिथि पड़ती है इस तरह के पूरे वर्ष में 12 संक्रांति तिथि आती हैं। मीन संक्रांति वर्ष के आखिरी माह की संक्रांति होती है। यही कारण है कि इस संक्रांति का बहुत महत्व माना जाता है। प्रत्येक माह सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते हैं। सूर्य के मीन राशि में संक्रमण करने की तिथि को मीन संक्रांति कहा जाता है। इस बार मीन संक्रांति 14 मार्च 2021 दिन रविवार को पड़ रही है। दक्षिण भारत में इसे मीन संक्रमण भी कहा जाता है। हर संक्रांति की तरह मीन संक्रांति पर भी दान करने का बहुत महत्व माना गया है। मीन संक्रांति पर भी सूर्य की पूजा और पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है। मीन संक्रांति को देश भर के विभिन्न हिस्सों में उल्लास के साथ मनाते हैं। खासतौर पर ओडिशा में मीन संक्रांति का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। जानते हैं मीन संक्रांति शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और दान।

Meen sankranti 2021 date punya kal time importance and puja vidhi in Hindi
मीन संक्रांति 2021
मीन संक्रांति पुण्य काल

मीन संक्रांति तिथि 14 मार्च 2021 दिन रविवार

मीन संक्रांति महापुण्य काल शाम 06 बजकर 18 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 27 मिनट तक

पुण्य काल की कुल अवधि 11 मिनट की होगी।


मीन संक्रांति का क्षण

14 मार्च 2021 दिन रविवार को शाम 06 बजकर 18 मिनट पर

Meen sankranti 2021 date punya kal time importance and puja vidhi in Hindi
मीन संक्रांति 2021 - फोटो : google
मीन संक्रांति का महत्व

शास्त्रों में मीन संक्रांति का बहुत महत्व बताया गया है। इसके अलावा प्रकृति की दृष्टि से भी यह तिथि महत्वपूर्ण होती है। उत्तरायण होते सूर्य के कारण दिन का समय बढ़ने लगता है और रात्रि छोटी होने लगती हैं। इस समय प्रकृति में नया सृजन होता है। इस समय उपासना, ध्यान, योग करने से तन-मन और बुद्धि को पुष्ट होती है। मीन संक्रांति पर भगवान सूर्य की उपासना से नकारात्मकाता दूर होती है और ऊर्जा की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मीन संक्रांति पर गंगा, यमुना और सरस्वती आदि पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है।

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मीन संक्रांति 2021
मीन संक्रांति की पूजा विधि
  • मीन संक्रांति के दिन प्रातः सूर्योदय के समय किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
  • यदि किसी कारण आप नदी पर स्नान नहीं कर सकते हैं तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। 
  • स्नान करने का बाद सूर्यदेव को प्रणाम करके उन्हें अर्घ्य दें। 
  • संक्रांति के दिन मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन करें।
  •  यदि मंदिर नहीं जा सकते हैं तो घर पर धूप, दीप, फल, फूल, मिष्ठान आदि से भगवान की पूजा करें। 
  • पूजा करने के पश्चात ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र आदि का क्षमतानुसार दान करें। 
  • मीन संक्रांति के दिन भूमि का दान करने का विशेष महत्व माना गया है। 
  • इस दिन वैदिक मंत्रों का जाप करना बहुत ही शुभफलदायी रहता है।
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