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Masik Durgashtami 2021: इस दिन है माघ मास की मासिक दुर्गाअष्टमी, जानें महत्व, तिथि और पूजा विधि

Thu, 11 Feb 2021 07:32 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Thu, 11 Feb 2021 07:32 PM IST
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Masik durga ashtami 2021 date importance and vrat puja vidhi in Hindi
मासिक दुर्गा अष्टमी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हिंदी कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गा अष्टमी मनाई जाती है। माघ मास की दुर्गाअष्टमी 20 फरवरी 2021 दिन शनिवार को मनाई जाएगी। इसे दुर्गाष्टमी, मासिक दुर्गाष्टमी, मास दुर्गाष्टमी आदि नामों से जाना जाता है। नवरात्रि के समय पड़ने वाली दुर्गाष्टमी को महाष्टमी होती है, इसके अलावा हर माह भी दुर्गा अष्टमी पर मां दुर्गा का पूजन और व्रत किया जाता है। इस दिन व्रत और पूजन करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। तो चलिए जानते हैं मासिक दुर्गा अष्टमी का महत्व मुहूर्त और पूजा विधि

Masik durga ashtami 2021 date importance and vrat puja vidhi in Hindi
मासिक दुर्गा अष्टमी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
दुर्गा अष्टमी व्रत का महत्व

मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए नवरात्रि की दुर्गाअष्टमी तो बहुत महत्व रखती ही है इसके अलावा मासिक दुर्गाष्टमी हर माह में पड़ने वाला ऐसा दिन होता है, जब भक्त शक्ति की अराधना कर उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। जो भक्त प्रत्येक मासिक दुर्गाअष्टमी को व्रत और पूजन करते हैं मां आदिशक्ति जगदंबे उनके सारे कष्टों का हरण कर लेती है। जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

Masik durga ashtami 2021 date importance and vrat puja vidhi in Hindi
मासिक दुर्गा अष्टमी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
माघ मास दुर्गाष्टमी मुहूर्त

माघ शुक्ला अष्टमी आरंभ- 19 फरवरी 2021 दिन शुक्रवार सुबह 10 बजकर 58 मिनट से

माघ शुक्ला अष्टमी समाप्ति- 20 फरवरी 2021 दिन शनिवार दोपहर 01 बजकर 31 मिनट पर

मासिक दुर्गा अष्टमी 20 फरवरी को मनाई जाएगी।

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Masik durga ashtami 2021 date importance and vrat puja vidhi in Hindi
मासिक दुर्गा अष्टमी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत पूजा विधि-


इस दिन प्रातः उठकर दैनिक क्रिया से निवृत्त होने के बाद स्नान करके शुद्ध हो जाएं। 


घर की साफ-सफाई करके पूजा स्थान और घर में गंगाजल छिड़कें। 

लकड़ी का एक साफ पाटा या चौकी लेकर उसपर लाल वस्त्र बिछाएं,

गंगाजल से शुद्ध करें और माँ दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित करें।

मां दुर्गा के समक्ष धूप दीप जलाएं और उन्हें अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें।


फल और मिठाई अर्पित करने के बाद माां दुुुर्गा की आरती उतारें।  

इस दिन दुुर्गा चलीसा का पाठ करना चाहिए।
 

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