हिंदी कैलेंडर के अनुसार स्कंद षष्ठी का व्रत हर माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को किया जाता है। इस बार स्कंद षष्ठी 17 फरवरी 2021 दिन बुधवार को मनाई जाएगी। स्कंद षष्ठी के दिन भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र भगवान कुमार कार्तिकेय की पूजा करने का विधान है। इनको स्कंद भी कहा जाता है इसलिए इनकों समर्पित इस तिथि को स्कंद षष्ठी कहा जाता है। स्कंद षष्ठी के दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने और व्रत करने से जीवन की कठिनाइंया दूर होती हैं और जातक को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह व्रत दक्षिण भारतीय लोगों में खासा लोकप्रिय है। जानते हैं स्कंद षष्ठी व्रत की तिथि, पूजा विधि और धार्मिक महत्व
{"_id":"6023f1e38ebc3ee9490dac2c","slug":"skanda-shashti-2021-date-significance-and-vrat-puja-vidhi-in-hindi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Skanda Shashti 2021: इस दिन की जाती है शिव पुत्र कार्तिकेय की पूजा, जानें महत्व तिथि और पूजा विधि","category":{"title":"Religion","title_hn":"धर्म","slug":"religion"}}
Skanda Shashti 2021: इस दिन की जाती है शिव पुत्र कार्तिकेय की पूजा, जानें महत्व तिथि और पूजा विधि
Thu, 11 Feb 2021 03:25 PM IST
Shashi Shashi
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Thu, 11 Feb 2021 03:25 PM IST
विज्ञापन
स्कंद षष्ठी 2021 कार्तिकेय भगवान (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : pinterest
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्तिकेय भगवान
स्कंद षष्ठी महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से ग्रह बाधा से मुक्ति मिलती है जिससे जीवन की समस्याएं दूर होती हैं। इस दिन पूजा और विधिवत रूप व्रत करने वाले को सुख और वैभव की प्राप्ति होती है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
स्कंद षष्ठी व्रत पूजा विधि
- स्कंद षष्ठी व्रत के दिन प्रातः जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करें और स्वयं भी स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- स्नानादि से निवृत्त होने के पश्चात भगवान के समझ व्रत का संकल्प करें।
- एक पटरी या फिर पूजा स्थान पर ही भगवान कार्तिकेय के साथ मां गौरी और शिव जी की प्रतिमा भी स्थापित करें।
- भगवान के समक्ष दीप, धूप जलाएं और तिलक करें।
- कलावा, अक्षत, हल्दी, चंदन, गाय का घी, दूध, मौसमी फल, फूल आदि चीजें भगवान को अर्पित करें। लेकिन ध्यान रखें कि शिव जी को हल्दी न चढ़ाएं।
- पूजा के बाद आरती और भजन कीर्तन करें।
शाम को पुनः पूजा करने के पश्चात फलाहार करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्तिकेय भगवान
- फोटो : pinterest
स्कंद षष्ठी तिथि
इस बार 17 फरवरी 2021 दिन बुधवार को स्कंद षष्ठी का पूजन किया जाएगा।
माघ शुक्ल षष्ठी तिथि आरंभ- 17 फरवरी 2021 दिन बुधवार प्रातः 05 बजकर 46 मिनट से
माघ शुक्ल षष्ठी तिथि समाप्त-18 फरवरी 2021 दिन बृहस्पतिवार सुबह 08 बजकर 17 मिनट पर