जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तब उसे संक्रांति कहा जाता है। इसी तरह से जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। हिंदी कैलेंडर में सूर्य के आधार पर एक वर्ष में छः-छः माह के दो भाग होते हैं। एक भाग उत्तरायन तो एक दक्षिणायन कहलाता है। मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायन होते हैं, इसलिए इस पर्व को उत्तरायन भी कहा जाता है। मकर संक्रांति पर दान स्नान आदि का बहुत महत्व माना गया है। इस दिन सूर्य उपासना और अर्घ्य देने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। इस बार मकर संक्रांति और भी ज्यादा पुण्य देने वाली है। इस बार संक्रांति पर बहुत शुभ योग बन रहा है।
Makar sankranti 2021: इस बार बहुत पुण्य दायिनी है मकर संक्रांति, बन रहा है शुभ योग
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Wed, 06 Jan 2021 02:38 PM IST
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