माघ माह को दान-स्नान की दृष्टि से बेहद ही शुभ माह माना जाता है। इसके साथ ही इस माह में बड़े पर्व पड़ने से यह और भी खास हो जाता है। इस बार माघ मास में शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 24 फरवरी की शाम को आरंभ होगी जो 25 फरवरी तक रहेगी। ऐसे में 24 फरवरी को प्रदोष व्रत किया जाएगा, साथ ही 25 फरवरी पर गुरू पुष्य योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष में यह योग बहुत ही शुभ माना जाता है। इस योग में किए गए कार्य स्थाई होते हैं। तो चलिए जानते हैं कि कब से कब तक रहेगा गुरू-पुष्य योग और इस मुहूर्त काल में कौन-कौन से कार्य किए जा सकते हैं।
Magh maas 2021: 25 फरवरी को बन रहा है बेहद शुभ योग, भूमि और आभूषण खरीदने से होती है बढ़ोत्तरी
माघ शुक्ल त्रयोदशी तिथि आरंभ- 24 फरवरी 2021 दिन बुधवार शाम 06 बजकर 05 मिनट से।
माघ शुक्ल त्रयोदशी तिथि समाप्ति- 25 फरवरी 2021 दिन गुरूवार शाम 05 बजकर 18 मिनट पर।
गुरू पुष्य संयोग की अवधि 25 फरवरी को प्रातः 6 बजकर 56 मिनट से शुरू होगी जो दोपहर 1 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। इस तरह से लगभग 6 घंटे तक गुरू पुष्य का पर्वकाल रहेगा।
गुरू-पुष्य योग धन-संपत्ति और आभूषण आदि की खरीददारी के लिए बहुत ही खास माना जाता है। यदि आप भूमि, भवन, संपत्ति, वाहन, स्वर्ण, चांदी या किसी भी प्रकार के आभूषण खरीदना चाहते हैं तो यह समय बहुत ही श्रेष्ठ माना गया है। माना जाता है कि इस समय में खरीदी गई चीजें स्थाई होती हैं और उनमें बढ़ोत्तरी होती है।
विवाह की बाधाओं को दूर करने के लिए भी गुरू पुष्य नक्षत्र बहुत शुभ माना गया है। जिनके विवाह में बाधा आ रही हो उन्हें गुरू पुष्य योग में केले के पेड़ की जड़ को गंगाजल से शुद्ध करके हल्दी लगाकर किसी पीले कपड़े में लपेटकर अपने वास रखना चाहिए। इससे विवाह की बाधाएं दूर हो जाती हैं।
इस मुहूर्त को एक तरह से अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है। यदि किसी को सगाई, विवाह आदि के लिए कोई शुभ मुहुर्त नहीं मिल रहा हो तो गुरू पुष्य योग में मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
- गुरू पुष्य नक्षत्र में नया व्यापार आदि आरंभ करना भी बेहद शुभफलदायक रहता है।
- यदि आपको किसी प्रकार को कोई रत्न धारण करना हो तो गुरू पुष्य नक्षत्र में धारण कर सकते हैं।
- यदि आपका बृहस्पति अनुकूल नहीं है तो गरू पुष्य योग में पुखराज धारण करना बहुत लाभप्रद रहता है।