आचार्य चाणक्य एक श्रेष्ठ विद्वान थे। उन्हें कई विषयों की बहुत गहरी समझ थी। वे अर्थशास्त्र के मर्मज्ञ थे। अर्थशास्त्र की रचना करने के कारण उन्हें कौटिल्य भी कहा जाता है। वे एक विद्वान होने के साथ ही अच्छे शिक्षक भी थे। आचार्य चाणक्य ने विश्वप्रसिद्ध विश्वविद्यालय तक्षशिला से शिक्षा ग्रहण की और वहीं पर शिक्षक भी हुए। उनके द्वारा लिखे गए नीति शास्त्र की बातें आज के समय में भी मनुष्य को सही राह दिखाने का कार्य करती हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार परिवारिक सुखद जीवन ही व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी होती है। एक सुखद घर और परिवार मनुष्य के अच्छे भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आचार्य चाणक्य नीतिशास्त्र में बताया है कि कैसे घर में हमेशा सुख का वास होता है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में....
चाणक्य नीति: ऐसे घरों में नहीं होती है किसी प्रकार की कमी, हमेशा होता है सुख का वास
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Tue, 23 Feb 2021 02:02 PM IST
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