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हर 41 साल बाद किससे मिलने आते हैं हनुमान जी !

Mon, 26 Mar 2018 03:33 PM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 26 Mar 2018 03:33 PM IST
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lord hanuman who presence in jungles

हनुमान जी आज भी इस पृथ्वी पर जीवित हैं और भ्रमण करते हैं क्योंकि उन्हें चिरंजीवी होने का वरदान प्राप्त है। ऐसा दावा भी किया जाता है हनुमानजी हर 41 साल के बाद एक आदिवासी समूह से मिलने आते हैं। सेतु एशिया नाम की एक वेबसाइट ने दावा किया है कि श्रीलंका के जंगलों में एक आदिवासी समूह से हनुमानजी प्रत्येक 41 साल बाद मिलने आते हैं।

lord hanuman who presence in jungles

 हनुमान जी मातंग ऋृषि के शिष्य थे। कहते हैं कि मातंग ऋृषि के आश्रम में ही हनुमान जी का जन्म हुआ था। भारत के दक्षिणी राज्यों में मातंग समाज के लोग आज भी रहते है। इनके पूर्वज मातंग ऋृषि ही थे।

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वेबसाइट के अनुसार श्रीलंका के जंगलों में ऐसा कबीलाई समूह रहता है जो पूरी तरह से बाहरी दुनिया से कटा हुआ है। यह आदिवासी समूह श्रीलंका के पिदूरु पर्वत के जंगलों में रहता है।

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सेतु वेबसाइट का दावा है कि 27 मई 2014 को हनुमानजी इन आदिवासी समूह के साथ अंतिम दिन बिताया था। अब इसके बाद हनुमानजी  2055 में फिर से मिलने आएंगे।

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भगवान राम के मृत्यु के बाद हनुमान जी अयोध्या से लौटकर दक्षिण भारत के जंगलों में रहने लगे। इसके बाद वे श्रीलंका चले गए। उस समय हनुमान जी जब तक श्रीलंका के जंगलों में रहे, इस आदिवासी समूह के लोगों ने उनकी सेवा की। हनुमान जी ने इस कबीले के लोगों को ब्रह्मज्ञान का बोध कराया। और उन्होंने वादा किया कि वे हर 41 साल बाद इस कबीले की पीढियों को ब्रह्मज्ञान देने आएंगे।

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